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ध्वस्त होगा हाजी याकूब की मीट फैक्ट्री का ग्रीन बेल्ट में बना हिस्सा  

Sat, 28 Oct 2017 06:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 28 Oct 2017 06:18 PM IST
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dwast hoga haaji yaakoob ki meat factory
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 पूर्व मंत्री बसपा नेता हाजी याकूब कुरैशी की हापुड़ रोड अल्लीपुर स्थित अल फहीम मीटैक्स का 2322.81 वर्ग मीटर पर बना हिस्सा ध्वस्त होगा, जो ग्रीन बेल्ट में है। आयुक्त न्यायालय में इस बाबत दिए गए प्रत्यावेदन पर चल रही सुनवाई के बाद आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने यह निर्णय सुनाया। उन्होंने इसके लिए एक माह का समय फैक्ट्री स्वामी को दिया है कि या तो वह खुद इस निर्माण को ध्वस्त करें अन्यथा एमडीए इसका ध्वस्तीकरण करेगा। सार्वजनिक उपयोग की जमीन का भी भू उपयोग परिवर्तन चार माह में कराने को कहा गया है। अन्यथा इसके बाद इस पर भी यही कार्रवाई होगी।
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यह है प्रकरण
अल फहीम मीटैक्स के मानचित्र को लेकर विवाद चल रहा है। एमडीए का तर्क है कि इस मीट फैक्ट्री का मानचित्र स्वीकृत नहीं है। इस स्थिति में स्वीकृत हो भी नहीं सकता है। दरअसल, फैक्ट्री में ग्रीन बेल्ट, सार्वजनिक सुविधाओं उपयोग की भूमि, औद्योगिक क्षेत्र की भूमि सम्मिलित है। इसी वर्ष 17 मई को एमडीए की टीम फैक्ट्री को सील करने गई थी पर यहां भारी विरोध के कारण टीम बैरंग लौट आई।
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फैक्ट्री स्वामी की यह है आपत्ति
इस मामले में याकूब कुरैशी के पुत्र फिरोज की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। कहा गया कि प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदन किया था। कहा कि उनके द्वारा प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत मानचित्र में कुल कवर्ड एरिया 34903.83 वर्गमीटर है। मौके पर प्रत्यावेदक की कुल जमीन 126788 वर्गमीटर है, लेकिन प्रत्यावेदक द्वारा मात्र कवर्ड एरिया का मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदन किया गया है। ऐसे में मानचित्र स्वीकृत किया जाए।
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कमिश्नर के यहां प्रत्यावेदन में हुई सुनवाई
इस बाबत आयुक्त डॉ. प्रभात के यहां प्रत्यावेदन किया गया। आयुक्त ने सारे बिंदुओें पर जांच कराई। तर्क सुना। ब्लू प्रिंट की जांच हुई और सिजरे पर सुपर इंपोज कर यह देखा गया कि वास्तव में किस उपयोग कि  कितनी जमीन इस फैक्ट्री में है। जांच और तर्क के बाद यह पाया किया गया कि फैक्ट्री का कुल 126788.00 वर्गमीटर है। भू-तल पर खुला क्षेत्रफल  85953.60 वर्गमीटर जबकि भूतल पर पर कवर्ड क्षेत्रफल 34903.83 वर्गमीटर है। प्रथम तल पर कवर्ड एरिया 1300.79 वर्गमीटर है। कुल कवर्ड एरिया 36204.61 वर्गमीटर मिला। फैक्ट्री स्वामी का यह भी तर्क था कि उनके द्वारा कुल भू-भाग पर मात्र 28.88 प्रतिशत भूमि पर ही निर्माण किया गया है।

भू उपयोग की भी जांच हुई
भू उपयोग की जांच में स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री में हरित क्षेत्र में निर्मित क्षेत्रफल 2322.81 वर्गमीटर है। औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित क्षेत्रफल 1878.62 वर्गमीटर जबकि सार्वजनिक उपयोग की भूमि में निर्मित क्षेत्रफल 30702.40 वर्गमीटर है।


यह लिया गया निर्णय 
आयुक्त ने आदेश जारी किए कि न्यायोचित होगा कि प्रत्यावेदक द्वारा हरित क्षेत्र में किए गए 2322.81 वर्गमीटर निर्माण को ध्वस्त किया जाए। प्रत्यावेदक आदेश जारी होने की तिथि से एक माह में हरित क्षेत्र में किए गए निर्माण को खुद हटाने के साक्ष्य प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करें। यदि एक माह में खुद निर्माण ध्वस्त नहीं किया तो एमडीए करेगा और उसका खर्च भी फैक्ट्री मालिक से ही वसूल होगा। इसके अतिरिक्त प्रत्यावेदक द्वारा इस आदेश के उपरांत एक सप्ताह के अंदर प्राधिकरण के समक्ष भू-उपयोग परिवर्तन हेतु आवेदन पत्र नियमानुसार प्रस्तुत किया जाएं। पशु-वधशाला को प्राधिकरण की उपविधियों के अन्तर्गत सार्वजनिक उपयोगिताओं की श्रेणी में रखा गया है। जिसका भू-उपयोग किए जाने पर विचार किए जाने का अधिकार प्राधिकरण बोर्ड को है। प्रत्यावेदक द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत करने पर प्राधिकरण द्वारा भू-उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव नियमानुसार निर्णय हेतु प्राधिकरण के बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर तीन माह की अवधि के अंदर निर्णय लिया जाए। आदेश जारी होने की तिथि से चार माह की अवधि तक प्राधिकरण द्वारा प्रत्यावेदक के निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि प्राधिकरण बोर्ड द्वारा प्रत्यावेदक का भू उपयोग परिवर्तित नहीं किया जाता है तो प्राधिकरण द्वारा प्रत्यावेदक के विरुद्ध पुन: ध्वस्तीकरण आदेश पारित किए जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इसी आदेश के अनुसार ध्वस्तीकरण कर दिया जाएगा। औ़द्योगिक क्षेत्र में किए गए निर्माण का प्राधिकरण द्वारा आंकलन करने के उपरांत उसके शमन होगा।
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