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गलत इलाज के कारण गर्भ में शिशु की मौत, तहरीर दी
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सरधना। नगर के तहसील रोड स्थित आरएन अस्पताल में गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने चिकित्सक पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दी है।
गांव सलावा निवासी गौरव पुत्र सतेंद्र ने तहरीर में बताया कि उसकी पत्नी उज्ज्वल साढ़े तीन माह की गर्भवती थी। उसका इलाज तहसील रोड स्थित आरएन अस्पताल में महिला चिकित्सक के यहां चल रहा था। बताया कि 15 मई को वह पत्नी की जांच कराने के लिए अस्पताल आया था। जांच के बाद महिला चिकित्सक ने सब ठीक होने की बात कहते हुए दवाई लिखी। उसने अस्पताल के मेडिकल स्टाेर से दवाइयां खरीदी। बताया कि चिकित्सक ने उसकी पत्नी को चार दिन बाद फिर से जांच के लिए बुलाया था।
22 मई को गौरव फिर से अस्पताल में पत्नी की जांच कराने पहुंचा। इसी दौरान पत्नी की हालत बिगड़ गई। चिकित्सक ने गर्भवती का अल्ट्रासाउंड कराया तो जांच में पता चला कि गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई है। परिजनों ने महिला को नगर के अन्य अस्पताल में भर्ती कराया। दूसरे अस्पताल में दवाइयों की जांच की गई तो वह गलत पाई गई। गौरव का आरोप है कि गलत दवाई व इलाज के कारण उसकी पत्नी के गर्भ में शिशु की मौत हुई है। पीड़ित पक्ष ने बृहस्पतिवार को तहसील पहुंचकर चिकित्सक व अस्पताल संचालक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से भी गर्भवती की रिपोर्ट व दवाइयों की जांच कराई जाएगी। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल संचालक डाॅ. जेडआर आरिफ का कहना है कि अस्पताल की ओर से मरीज के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। महिला का सही इलाज किया गया। चिकित्सक व अस्पताल पर लगाए गए आरोप गलत हैं।
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गांव सलावा निवासी गौरव पुत्र सतेंद्र ने तहरीर में बताया कि उसकी पत्नी उज्ज्वल साढ़े तीन माह की गर्भवती थी। उसका इलाज तहसील रोड स्थित आरएन अस्पताल में महिला चिकित्सक के यहां चल रहा था। बताया कि 15 मई को वह पत्नी की जांच कराने के लिए अस्पताल आया था। जांच के बाद महिला चिकित्सक ने सब ठीक होने की बात कहते हुए दवाई लिखी। उसने अस्पताल के मेडिकल स्टाेर से दवाइयां खरीदी। बताया कि चिकित्सक ने उसकी पत्नी को चार दिन बाद फिर से जांच के लिए बुलाया था।
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22 मई को गौरव फिर से अस्पताल में पत्नी की जांच कराने पहुंचा। इसी दौरान पत्नी की हालत बिगड़ गई। चिकित्सक ने गर्भवती का अल्ट्रासाउंड कराया तो जांच में पता चला कि गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई है। परिजनों ने महिला को नगर के अन्य अस्पताल में भर्ती कराया। दूसरे अस्पताल में दवाइयों की जांच की गई तो वह गलत पाई गई। गौरव का आरोप है कि गलत दवाई व इलाज के कारण उसकी पत्नी के गर्भ में शिशु की मौत हुई है। पीड़ित पक्ष ने बृहस्पतिवार को तहसील पहुंचकर चिकित्सक व अस्पताल संचालक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से भी गर्भवती की रिपोर्ट व दवाइयों की जांच कराई जाएगी। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल संचालक डाॅ. जेडआर आरिफ का कहना है कि अस्पताल की ओर से मरीज के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। महिला का सही इलाज किया गया। चिकित्सक व अस्पताल पर लगाए गए आरोप गलत हैं।