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Meerut News: धूप, उमस और धूल से बिगड़ी सेहत, अस्पतालों में लंबी कतार
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- वायरल इंफेक्शन और पेट संबंधी बीमारियां फैली
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। भीषण गर्मी के बीच बारिश और फिर उमस ने लोगों की सेहत की बिगाड़ दी है। पानी की कमी, पसीने के साथ शरीर से नमक और खनिजों का निकल जाना तथा मौसम में अचानक बदलाव लोगों की सेहत को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में अचानक उछाल आ गया है।
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। गर्म हवा, तेज धूप और रात में भी कम न पड़ने वाली गर्मी के कारण इम्यूनिटी कमजोर हो रही है, जिससे वायरल इंफेक्शन और पेट संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। ओपीडी में सबसे ज्यादा उल्टी-दस्त, तेज बुखार, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायतें लेकर मरीज आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के केस भी बढ़ गए हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बीपी कौशिक ने कहा कि आंख, कान और गले के रोगियों की संख्या में भी तेज इजाफा हुआ है। धूल-मिट्टी और गर्म हवा से आंखों में जलन, इंफेक्शन और एलर्जी के मामले बढ़ गए हैं। कई लोग गले में खराश और कान दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। शहर के विभिन्न मोहल्लों में बुजुर्गों और बच्चों में गर्मी से संबंधित परेशानियां सबसे ज्यादा देखी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें, खूब पानी पिएं, घर का बना पौष्टिक भोजन लें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें। ओआरएस, नींबू पानी और फलों का अधिक सेवन गर्मी से बचाव में मददगार साबित हो रहा है।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। भीषण गर्मी के बीच बारिश और फिर उमस ने लोगों की सेहत की बिगाड़ दी है। पानी की कमी, पसीने के साथ शरीर से नमक और खनिजों का निकल जाना तथा मौसम में अचानक बदलाव लोगों की सेहत को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में अचानक उछाल आ गया है।
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। गर्म हवा, तेज धूप और रात में भी कम न पड़ने वाली गर्मी के कारण इम्यूनिटी कमजोर हो रही है, जिससे वायरल इंफेक्शन और पेट संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। ओपीडी में सबसे ज्यादा उल्टी-दस्त, तेज बुखार, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायतें लेकर मरीज आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के केस भी बढ़ गए हैं।
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जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बीपी कौशिक ने कहा कि आंख, कान और गले के रोगियों की संख्या में भी तेज इजाफा हुआ है। धूल-मिट्टी और गर्म हवा से आंखों में जलन, इंफेक्शन और एलर्जी के मामले बढ़ गए हैं। कई लोग गले में खराश और कान दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। शहर के विभिन्न मोहल्लों में बुजुर्गों और बच्चों में गर्मी से संबंधित परेशानियां सबसे ज्यादा देखी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें, खूब पानी पिएं, घर का बना पौष्टिक भोजन लें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें। ओआरएस, नींबू पानी और फलों का अधिक सेवन गर्मी से बचाव में मददगार साबित हो रहा है।
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