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एनएचएआई की लापरवाही से वाहनों ने खुद बना लिया रास्ता
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एनएचएआई की लापरवाही से वाहनों ने खुद बना लिया रास्ता
परतापुर। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को रफ्तार देने के लिए दावे किए जा रहे हैं, लेकिन परतापुर इंटरचेंज पर कार्य की रफ्तार दिखाई नहीं दे रही है। पिछले दो महीने से अंडरपास को खोलने के दावे एनएचएआई और जीआर इंफ्रा की तरफ से किए जा रहे हैं। दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों को चार किमी आगे जाकर यू-टर्न लेकर मेरठ की तरफ आना पड़ रहा है। लंबे इंतजार के बाद अब दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों ने खुद ही रास्ता बनाकर गलत दिशा से मेरठ शहर में प्रवेश करना शुरू कर दिया है।
वहीं, जीआर इंफ्रा अपने श्रमिकों को बढ़ाने के दावे भी कर रहा है। लेकिन श्रमिकों की संख्या में इजाफा नहीं किया जा रहा है। अभी तक मात्र 30 प्रतिशत श्रमिक ही कार्य पर लौट पाए हैं। सितंबर माह के भी 11 दिन गुजर चुके हैं। दिसंबर-2020 तक केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। लेकिन ऐसे हालातों में निर्माण को तय समय पर पूरा करना मुश्किल लग रहा है। अभी परतापुर इंटरचेंज पर काफी कार्य किया जाना है। तीन अंडरपास बनाने के साथ रेलवे ओवरब्रिज के साथ फ्लाईओवर की कनेक्टिविटी के बाद गोलचक्कर को व्यवस्थित किया जाना है। ऐसे में दिसंबर तक कार्य पूरा किया जाना मुश्किल लग रहा है।
किसानों की कार्य रोकने की चेतावनी
किसानों ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर निर्माण कार्य रोकने की चेतावनी दी है। एक तरफ मुआवजे के लिए 14 सितंबर से पदयात्रा का एलान किया है। वहीं, दूसरी ओर अब एक्सप्रेसवे पर सर्विस रोड का निर्माण न करने से भी किसानों की नाराजगी है। किसानों का कहना है गन्ना सीजन शुरू होने वाला है। कई बार एनएचएआई अधिकारियों ने आश्वासन दिया, लेकिन कोई कार्य अभी तक नहीं हुआ है।
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परतापुर। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को रफ्तार देने के लिए दावे किए जा रहे हैं, लेकिन परतापुर इंटरचेंज पर कार्य की रफ्तार दिखाई नहीं दे रही है। पिछले दो महीने से अंडरपास को खोलने के दावे एनएचएआई और जीआर इंफ्रा की तरफ से किए जा रहे हैं। दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों को चार किमी आगे जाकर यू-टर्न लेकर मेरठ की तरफ आना पड़ रहा है। लंबे इंतजार के बाद अब दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों ने खुद ही रास्ता बनाकर गलत दिशा से मेरठ शहर में प्रवेश करना शुरू कर दिया है।
वहीं, जीआर इंफ्रा अपने श्रमिकों को बढ़ाने के दावे भी कर रहा है। लेकिन श्रमिकों की संख्या में इजाफा नहीं किया जा रहा है। अभी तक मात्र 30 प्रतिशत श्रमिक ही कार्य पर लौट पाए हैं। सितंबर माह के भी 11 दिन गुजर चुके हैं। दिसंबर-2020 तक केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। लेकिन ऐसे हालातों में निर्माण को तय समय पर पूरा करना मुश्किल लग रहा है। अभी परतापुर इंटरचेंज पर काफी कार्य किया जाना है। तीन अंडरपास बनाने के साथ रेलवे ओवरब्रिज के साथ फ्लाईओवर की कनेक्टिविटी के बाद गोलचक्कर को व्यवस्थित किया जाना है। ऐसे में दिसंबर तक कार्य पूरा किया जाना मुश्किल लग रहा है।
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किसानों की कार्य रोकने की चेतावनी
किसानों ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर निर्माण कार्य रोकने की चेतावनी दी है। एक तरफ मुआवजे के लिए 14 सितंबर से पदयात्रा का एलान किया है। वहीं, दूसरी ओर अब एक्सप्रेसवे पर सर्विस रोड का निर्माण न करने से भी किसानों की नाराजगी है। किसानों का कहना है गन्ना सीजन शुरू होने वाला है। कई बार एनएचएआई अधिकारियों ने आश्वासन दिया, लेकिन कोई कार्य अभी तक नहीं हुआ है।
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