बागपत जिला जेल में बाहर से फेंकीं नशीली गोलियां, चरस और मोबाइल, रिपोर्ट दर्ज
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बागपत के खेकड़ा स्थित जिला जेल के बाहर से दीवार के ऊपर से नशे की गोलियां, चरस और दो मोबाइल फेंके गए। जेल अधिकारियों की नजर पड़ी तो उन्होंने सभी सामान को जब्त कर लिया। कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सामान फेंकने वाले की तलाश की जा रही है।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते क्षेत्र के गांव अब्दुलपुर स्थित जिला जेल में परिजनों की बंदियों से मुलाकात पर रोक लगाई हुई है। बृहस्पतिवार सुबह खेतों से जेल की दीवार के ऊपर से किसी ने 100 से अधिक नशीली गोलियां, चरस और दो मोबाइल फेंके। उसी समय जेल के अधिकारी वहां से गुजर रहे थे। अधिकारियों ने तुरंत फेंके गए सामान को जब्त किया।
इसके बाद जेल अधीक्षक ने कोतवाली में पहुंचकर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बरामद नशे की गोलियां, चरस की पत्ती और दोनों मोबाइल पुलिस को सौंप दिए। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि यह सामान किसी बंदी के परिजन ने ही दीवार के ऊपर से फेंका है। वहीं, कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।
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क्या इतना आसान है जेल में कुछ भी फेंकना
जिला जेल के अंदर कोई सामान फेंक गया और आराम से चला भी गया। किसी को नहीं पता कि वह कौन था। सवाल उठता है कि क्या जेल के अंदर कुछ भी फेंकना इतना आसान है। अगर ऐसा है तो जेल में हथियार आदि भी आसानी से आ सकते हैं। गुरुवार को तो जेल अधिकारियों की नजर पड़ गई। अगर नजर न पड़ती तो यह सामान बंदियों तक भी पहुंच सकता था। यह भी जांच का विषय है कि कब से ऐसा किया जा रहा है।
कोतवाली पुलिस के लिए सिरदर्द बने 67 हिस्ट्रीशीटर
कानपुर में पुलिस के साथ हुई घटना के बाद एसपी के निर्देशों पर कोतवाली पुलिस ने भी क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। पुलिस उनके बारे में हर जरूरी जानकारी जुटा रही है। कोतवाली क्षेत्र में 67 हिस्ट्रीशीटर है।
पुलिस क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों का रिकार्ड खंगालकर उनकी दैनिक गतिविधि पर भी पूरी तरह नजर रख रही है। उनके पास कितनी संपति है, यह कैसे अर्जित की गई है, क्या व्यापार कर रहे हैं, परिवार के पालन पोषण का क्या स्त्रोत है। इन सबकी बारीकी से जांच की जा रही है।
इसके अलावा पुलिस हिस्ट्रीशीटरों के खास व नजदीक रहने वाले लोगों पर भी पूरी नजर रख रही है। कोतवाल अजय शर्मा का कहना है कि क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों पर पुलिस पहले से ही पूरी नजर रखकर उनकी जांच करती रहती है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर इन लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ भी की जाती है।