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रैपिड रैल के लिए पिलर बनाने से पहले उड़ाया ड्रोन, हटेगा अतिक्रमण, मंदिर को बचाने की गुहार
Sat, 04 Jul 2020 01:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 01:49 PM IST
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रैपिड रेल फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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दुहाई से शताब्दीनगर तक होने वाले रैपिड रेल निर्माण कार्य से पहले ड्रोन से एलाइनमेंट लिया जा रहा है। इस 32 किलोमीटर के चरण में पूरा ट्रैक एलिवेटिड है। इसके मद्देनजर ड्रोन उड़ाया जा रहा है।
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एनसीआरटीसी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम) की टीम ने शुक्रवार को भूड़बराल से लेकर मोदीनगर तक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई। वहीं, परतापुर में बडे़ स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। परतापुर में मार्ग का चौड़ीकरण तेज कर दिया है। यहां कई स्थानों पर बिजली के खंभे एवं पेड़ बाधा बने हुए हैं। इस बाबत एनसीआरटीसी के इंजीनियरों का कहना है कि बिजली ठेकेदार की कमी के चलते कार्य में विलंब हो रहा है। कुंडा फाटक से आगे निर्माण कार्य प्रगति पर है। यहां मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है। इसलिए यहां पिलर बनाने का कार्य तेज कर दिया है।
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वहीं, वासु ऑटोमोबाइल के सामने हाईटेंशन लाइन हटाने के बाद हुए गड्ढे को नहीं भरे जाने का विरोध शुरू हो गया है। भाजपा नेता गोपाल शर्मा ने एनसीआरटीसी अधिकारियों से आपत्ति जताई है।
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मंदिर को बचाने की गुहार
परतापुर तिराहे के समीप एनएचएआई द्वारा बनाए गए निर्माणाधीन ओवरब्रिज के निकट आ रहे मां संतोषी देवी के मंदिर को हटाने का विरोध शुरू हो गया है। इसकी देखरेख कर रहे प्रमोद ने सीएम एवं डीएम से गुहार लगाई है। ओवरब्रिज के समीप फौजी चयनपाल ने कई साल पहले मां संतोषी देवी का मंदिर बनवाया था। इस बीच यहां मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे का प्रोजेक्ट आ गया तो एनएचएआई ने निर्माण कार्य के बीच आ रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। इसके बाद यहां से काफी अतिक्रमण ध्वस्त किए गए परंतु मंदिर हटाने के लिए नोटिस जारी किया। जिसमें कहा कि मूर्तियां दूसरे मंदिर में स्थापित करा दी जाएंगी।
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