ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर के लिए खर्च होंगे 4 करोड़, मेरठवासियों को जाम से मिलेगी राहत
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मेरठ में सड़क सुरक्षा को लेकर अब प्रशासन कुछ सक्रिय हुआ है। मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने शुक्रवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कहा कि प्रत्येक जनपद में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता का आयोजन किया जाएगा। सिनेमा घरों में ट्रैफिक नियमों की डाक्यूमेंट्री दिखायी जाएगी। स्कूल के बाहर ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी। जहां ट्रैफिक सिग्नल खराब हैं उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। आईटीआई साकेत में 4.36 करोड़ रुपये की लागत से रीजनल ड्रांईविंग टेस्टिंग सेंटर बनाया जा रहा है जो दिसंबर 2019 तक पूर्ण होकर जनवरी 2020 से कार्य करना प्रारंभ कर देगा। हर थाना क्षेत्र के एक चौराहे को जाम से मुक्त किया जाएगा।
मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त ने एसएसपी मेरठ को निर्देशित किया कि वह जिले के हर एक थाने के अंतर्गत सीमा में कम से कम एक चौराहे को जाम से मुक्त कराना निश्चित करें। जो व्यक्ति सड़क दुघर्टना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में पहुंचाकर मदद कर रहे हैं ऐसे व्यक्ति से पुलिस पूछताछ न करें।
कमिश्नर ने डीएम अनिल ढींगरा को निर्देश देते हुए कहा कि वाहनों के स्वस्थता प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु जांच एवं प्रमाणीकरण केंद्र तथा चालकों के टेस्ट हेतु ऑटोमेटिक ड्रांइविंग टेस्टिंग ट्रैक की स्थापना के लिए 04 एकड़ भूमि निशुल्क उपलब्ध करायें। उन्होंने निर्देशित किया कि स्कूलों में वार्षिक उत्सव दिवस की तरह अलग-अलग तारीखों में ट्रैफिक दिवस मनाकर यातायात नियमों की जानकारी बच्चों की दी जाए।
मेरठ के 11 व बागपत के 10 ब्लैक स्पॉट पर यातायात संकेतक व चौराहे से पहले की सड़कों पर रम्बल स्ट्रिप लगवाना सुनिश्चित करें तथा ब्लैक स्पॉट को खत्म करायें। नशे में वाहन चलाने वाले, बाईकों पर स्टंट करने वाले युवाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाए। नशे में वाहन चलाने वालों की जांच के लिए ब्रेथ ऐनेलाइजर खरीदें।
एसएसपी अखिलेश कुमार, आरटीओ मेरठ डॉ विजय कुमार, आरटीओ प्रशासन ओपी सिंह, एआरटीओ श्वेता वर्मा, मुख्य अभियंता एमडीएम दुर्गेश श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त अमित सिंह, सहायक निदेश बेसिक ऐके सिंह, अमित नागर, विपुल सिंघल, सुशील शर्मा, पिंकी चिन्योटी, गौरव शर्मा मौजूद रहे।
ये ब्लैक स्पॉट चिह्नित
एनएच-58 (दिल्ली देहरादून हाईवे), दिल्ली पौड़ी मार्ग, मेरठ- बुलंदशहर हाईवे और शहर में भी ब्लैक स्पाट चिन्हित हैं। मेरठ पौड़ी मार्ग पर डेयरी फार्म तिराहा, फिटकरी पुलिया, मवाना तिराहा और बहसूमा बाईपास मोड़ हैं। यह वह ब्लैक स्पॉट हैं जहां प्रत्येक साल सड़क दुघर्टनाओं में जान जाती है। यहां न तो साइन बोर्ड लगे हुए हैं। न ही स्पीड कम के लिए ब्रेकर हैं।
पुलिस की तरफ से भी इन स्थानों पर कोई भी बोर्ड नहीं लगाए गये। रिठानी पीर और एनएच-58 पर मोहिउदीनपुर शुगर मिल, भूड़बराल परतापुर तिराहा, घाट तिराहा, सकौती फ्लाईओवर, नंगली गेट, रूहासा कट, दौराला में भराला कट, सिवाया कट, खड़ौली कट, दौराला थाना स्थित सर्विस रोड कट को चिन्हित किया गया है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रत्येक दिन औसतन एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है।