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लाखों रुपये खर्च करके भी पेयजल को तरसे
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मवाना। नवीन मंडी निर्माण के दौरान आढ़तियों और किसानों को पेयजल की दिक्कत न हो इसके लिए लाखों रुपए खर्च करके टंकी का निर्माण किया गया था। 16 साल बीतने के बाद भी टंकी चालू नहीं हो सकी है। जिस कारण भीषण गर्मी में आढ़तियों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
आढ़ती शादाब, आरिफ, नवाब ने बताया कि वर्ष 2003 में मंडी के निर्माण के दौरान टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था। यह वर्ष 2006 में संपन्न हुआ। पिछले 16 वर्षों से टंकी सफेद हाथी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि टंकी निर्माण के बाद लगभग तीन-चार माह तक चली रही। इसके बाद टंकी बंद हो गई। जिस कारण आढ़तियों को पेयजल की स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती है। यही नहीं आने वाले किसानों को भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार अधिकारियों से टंकी चालू कराने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन आज तक टंकी चालू नहीं हो सकी है। मंडी समिति के सभापति एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द टंकी शुरू कराई जाएगी।
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आढ़ती शादाब, आरिफ, नवाब ने बताया कि वर्ष 2003 में मंडी के निर्माण के दौरान टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था। यह वर्ष 2006 में संपन्न हुआ। पिछले 16 वर्षों से टंकी सफेद हाथी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि टंकी निर्माण के बाद लगभग तीन-चार माह तक चली रही। इसके बाद टंकी बंद हो गई। जिस कारण आढ़तियों को पेयजल की स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती है। यही नहीं आने वाले किसानों को भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार अधिकारियों से टंकी चालू कराने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन आज तक टंकी चालू नहीं हो सकी है। मंडी समिति के सभापति एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द टंकी शुरू कराई जाएगी।
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