प्रशिक्षण पर संदेह : एथलीट सीमा अंतिल ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर कमलप्रीत व उनकी मेरठ निवासी कोच पर सवाल उठाए
सीमा का कहना है कि शारीरिक डील-डौल और असाधारण सुधारों को देखते हुए लगता है कि कहीं न कहीं कमलप्रीत सामान्य नहीं है। अपने कॅरियर के दौरान मुझे अपने या अपने समकालीन खिलाड़ियों के प्रदर्शन में इस दर्जे का सुधार कभी नहीं देखा।
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पटियाला में आयोजित हुई 60वीं राष्ट्रीय इंटर स्टेट एथलेटिक्स प्रतियोगिता में सीमा पुनिया ने 63.72 मीटर के साथ चक्का फेंक में स्वर्ण पदक के साथ ओलंपिक क्वालीफाई किया था। इस सफलता के साथ बुधवार को सीमा ने पंजाब की राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर कमलप्रीत कौर व उनकी मेरठ निवासी कोच राखी त्यागी पर सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने मेरठ की राखी त्यागी को खेल में नया बताते हुए उनके प्रशिक्षण पर सवाल उठाए हैं। खेल विशेषज्ञ सीमा पुनिया के सवालों को बचकाना बता रहे हैं।
पंजाब की अंतराष्ट्रीय महिला डिस्कस थ्रोअर कमलप्रीत कौर राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी खिलाड़ी हैं। मार्च 2021 में 65.06 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना कर टोक्यो में आयोजित 32वें ओलंपिक खेल के लिए क्वालीफाई किया। दो महीने बाद कमलप्रीत ने 66.59 मीटर का नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। सीमा ने कमलप्रीत कौर के “hyperandrogenism” (high testosterone) जांच की मांग की है।
सीमा का कहना है शारीरिक डील-डौल और असाधारण सुधारों को देखते हुए लगता है कि कहीं न कहीं कमलप्रीत सामान्य नहीं है। अपने दो दशक से भी लंबे कॅरियर के दौरान मुझे अपने या अपने समकालीन खिलाड़ियों के प्रदर्शन में इस दर्जे का सुधार कभी नहीं देखा।
पिछले चार वर्षों में ही इस 25 वर्षीय लड़की ने अपने प्रदर्शन में 12 से 14 मीटर का सुधार किया है जो एक असामान्य आंकड़ा है। कमलप्रीत जिस कोच "राखी त्यागी "के निर्देशन में अपनी तैयारियां कर रही है। डिस्कस कोचिंग की दुनिया में एकदम नया चेहरा है। एक खिलाड़ी के तौर पर रिकॉर्ड के मामले में कोच राखी त्यागी के हिस्से में कुछ भी नहीं है। वह स्वयं हाई जम्प की खिलाड़ी है। ज़ब देश ओलम्पिक को लेकर इतना गंभीर है और अपने तमाम खिलाड़ियों को विदेशी कोचों के निर्देशन में तैयारी करवा रहा है।
इस करामात के पीछे राखी त्यागी की जादुई कोचिंग का कोई हाथ नहीं है, बल्कि इसका कारण कमलप्रीत की असामान्य प्रकृति है। वैश्विक पटल पर देश का प्रतिनिधित्त्व कर रही देश की इस बेटी से मुझे कोई आपत्ति नहीं है।
ऐसा नहीं है कि कोई प्रतिभागी पहली बार इस प्रकार की किसी जाँच से गुजरेगा। दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता अफ्रीकाई धावक कास्टर सामेन्या और हिंदुस्तानी धावक दूती चंद भी इस प्रकार की जांचों का सामना करके मैदान पर वापसी कर चुकी हैं।
मनोबल गिराने वाला बयान
मेरठी खेल विशेषज्ञों ने ओलंपिक से ठीक पहले ओलंपिक क्वालीफाई करने के बाद सीमा का ये बयान कमलप्रीत और मेरठी कोच राखी त्यागी का मनोबल गिराने वाला बताया है। देश मे पदक लाने के लिए कमलप्रीत का प्रदरन अच्छा रहा है। देश की कोई खिलाड़ी अपने ही खिलाड़ी पर सवाल उठा रही है। जबकि मेरठी कोच के निर्देशन में कमलप्रीत ने रिकॉर्ड कायम किया है।