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वक्त न गंवाएं, इबादत में दिल लगाएं: कारी शफीकुर्रहमान
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मेरठ..कंवलजीत..रमज़ान के पहले जुम्मे के दिन कोतवाली स्थित जामा मस्जिद में नमाज़ पढ़ते नमाजी.....सं
रमजान के पाक महीने का पहला जुमा अकीदत और रूहानियत के माहौल में मनाया गया। मुस्लिमों ने बड़ी संख्या में नमाज अदा की और अमनो-अमान की दुआएं मांगीं। यह जुमा दूसरे रोजे पर पड़ा, जिसमें बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने रोजा रखा।
सुबह से ही मस्जिदों, बाजारों और मोहल्लों में रौनक दिखाई दी। मुस्लिम बहुल इलाकों में जुमे की नमाज को लेकर खासा उत्साह था। दोपहर में नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अकीदतमंदों से मस्जिदें पूरी तरह भर गईं। प्रमुख मस्जिदों में मौलानाओं ने नमाज अदा कराई। नमाज से पहले कुरान की तिलावत, तस्बीह और जिक्र-अजकार से माहौल रूहानी हो गया। शाही जामा मस्जिद में शहर काजी जैनुस सालिकीन सिद्दीकी ने रमजान को बरकत वाला महीना बताया। उन्होंने कहा कि इसकी कद्र करना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है।
मौलाना कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने नौजवानों के कीमती वक्त बर्बाद करने पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि आजकल कई नौजवान रातें चायखानों, होटलों और सड़कों पर गुजारते हैं। बेवजह घूमना सामाजिक और कानूनी तौर पर ठीक नहीं है। उन्होंने नौजवानों से रमजान के मुकद्दस महीने को समझने की अपील की। मोबाइल पर छोटी वीडियो देखने, व्यर्थ समय बिताने और गुनाहों से बचने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि जो भी वक्त मिले उसे अल्लाह की इबादत में लगाएं।
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सुबह से ही मस्जिदों, बाजारों और मोहल्लों में रौनक दिखाई दी। मुस्लिम बहुल इलाकों में जुमे की नमाज को लेकर खासा उत्साह था। दोपहर में नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अकीदतमंदों से मस्जिदें पूरी तरह भर गईं। प्रमुख मस्जिदों में मौलानाओं ने नमाज अदा कराई। नमाज से पहले कुरान की तिलावत, तस्बीह और जिक्र-अजकार से माहौल रूहानी हो गया। शाही जामा मस्जिद में शहर काजी जैनुस सालिकीन सिद्दीकी ने रमजान को बरकत वाला महीना बताया। उन्होंने कहा कि इसकी कद्र करना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है।
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मौलाना कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने नौजवानों के कीमती वक्त बर्बाद करने पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि आजकल कई नौजवान रातें चायखानों, होटलों और सड़कों पर गुजारते हैं। बेवजह घूमना सामाजिक और कानूनी तौर पर ठीक नहीं है। उन्होंने नौजवानों से रमजान के मुकद्दस महीने को समझने की अपील की। मोबाइल पर छोटी वीडियो देखने, व्यर्थ समय बिताने और गुनाहों से बचने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि जो भी वक्त मिले उसे अल्लाह की इबादत में लगाएं।
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