सहारनपुर: खूंखार कुत्तों का आतंक, पांच बच्चों सहित 11 को किया घायल, लोगों में दहशत
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सहारनपुर जिले में खूंखार कुत्तों का आतंक है। नागल क्षेत्र के दो गांवों में कुत्तों के हमले की घटना से फिर यह जाहिर किया है कि जिले में कुत्ते किस कदर आतंक बरपा रहे हैं। बावजूद इसको लेकर प्रशासन की तरफ से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।
नागल क्षेत्र के गांव नंदनपुर में शनिवार सुबह खूंखार कुत्तों ने एक के बाद एक पांच लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। ग्रामीणों ने कुत्तों को डंडे लेकर दौड़ाया तो यह झुंड पास के गांव डंघेड़ा में जा घुसा। वहां भी कुत्तों ने चार बच्चों समेत छह लोगों को घायल कर दिया। दोनों गांवों में पांच बच्चों सहित 11 लोगों को कुत्तों ने घायल किया है। घायलों को सीएचसी नागल पर लाया गया, जिनमें से एक बच्चे की हालत को गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया।
शनिवार को नंदनपुर गांव में तीन वर्षीय वंशु पुत्र काला घर के बाहर खेल रहा था। तभी आए कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। इसके बाद कुत्तों ने साइकिल पर स्कूल जा रहे 15 वर्षीय रितिक पुत्र रामपाल पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने कुत्तों को गांव से बाहर खदेड़ा तो इन्होंने खेत में काम रहे 60 वर्षीय पलटू पुत्र समेरू, 33 वर्षीय अश्वनी पुत्र जयद्रथ और 50 वर्षीय जयपाल पुत्र कश्मीरा को घायल कर दिया। खेतों में काम कर रहे किसानों द्वारा कुत्तों को दौड़ाने के बाद यह झुंड एक किलोमीटर दूर स्थित पास के गांव डंघेड़ा में जा घुसा।
गांव डंघेडा में बाहरी छोर पर शहजाद के घर के बाहर खेल रहे चार वर्षीय कोता, तीन वर्षीय साहिल और दो वर्षीय कल्लू को कुत्तों ने काट लिया। इससे कुछ दूरी पर पांच वर्षीय अयूब पुत्र माली को कुत्तों ने काट लिया। इस पर पीड़ित बच्चों के परिजन डंडे लेकर कुत्तों के पीछे दौड़े तो उन्होंने खेतों की तरफ जा रहे 35 वर्षीय सुकेश पुत्र सुरेंद्र और 45 वर्षीय रविंद्र पुत्र राजकुमार को काटकर घायल कर दिया। इसके बाद कुत्तों का झुंड गांव के बाहर भाग गया। दोनो गांवों के घायलों को उपचार के लिए सीएचसी ले जाया गया। जहां से गंभीर रूप से घायल तीन वर्षीय वंशु पुत्र काला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
गांवों में दहशत का माहौल
कुत्तों के हमलों की इन घटनाओं के बाद दोनों गांवों में भय का माहौल बना है। लोग अपने बच्चों को गली में भी खेलने के लिए नहीं निकलने दे रहे हैं। ग्रामीण अपने अपने घरों के सामने लाठी डंडे लेकर पहरेदारी कर रहे हैं। डंघेड़ा के पूर्व प्रधान सोमेंद्र त्यागी ने बताया कि दोनों गांव के बीच के रास्ते में मृतक मवेशी डाले जाते हैं। जहां कुत्तों का झुंड रहता है। खुंखार हो चुके इन्हीं कुत्तों के झुंड ने गांव में बच्चों और बड़ों पर हमला कर उन्हें घायल किया है।
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