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पंचायत का फरमान न मानने पर दफनाने नहीं दिया शव, परिवार का हुक्का पानी बंद

Sun, 18 Feb 2018 03:39 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Updated Sun, 18 Feb 2018 03:39 PM IST
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Do not bury the dead on not accepting the order of the Panchayat, family hookah stopped water
फाइल फोटो

बिजनौर में हत्या के मामले में फैसला न करने पर विवाहिता के कब्र से निकाले गए शव को दफनाने के लिए कब्र नहीं खोदने दी गई। पंचायत कर मृतका के परिजनों का हुक्का पानी बंद करने व उनसे संपर्क रखने वालों पर भी जुर्माना लगाने का एलान कर दिया गया। मृतका की मां ने पुलिस में शिकायत कर उसकी बेटी के शव को दफनाने की मांग की है। 

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मंडावर थाने के मोहल्ला कस्साबान निवासी अफसरी ने पुलिस में एसपी कार्यालय में दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसने अपनी बेटी अमरीन का निकाह अप्रैल 2015 में कोतवाली देहात थाने के गांव अकबराबाद निवासी अखलाक से कराया था। दहेज के लिए चार अक्तूबर 2017 को अखलाक व उसके परिजनों ने अमरीन की हत्या कर शव कब्रिस्तान में दफना दिया। 
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कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शुक्रवार को अमरीन के शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्र से निकलवाया था। शनिवार को जिला अस्पताल में अमरीन के शव का पोस्टमार्टम हुआ। 
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अफसरी के मुताबिक उन्होंने बेटी के शव को अपने क्षेत्र में कुरैशी बिरादरी के कब्रिस्तान में दफनाने के लिए बेटे रिजवान व अहसान को कब्र खुदवाने के लिए भेजा था, लेकिन कुरैशी बिरादरी के चौधरी मोबिन, अकबर, असलम, असगर, टिम्मा, पप्पू, अल्लू, खुर्शीद, इरशाद, बुद्धू, अनीस, शरीफ, मो. अली, अशरफ, शराफत, अशरफ, शफीक, अहसान आदि ने कब्र खोदने नहीं दी और गाली-गलौज कर भगा दिया।

पढ़ें : पंचायत का तुगलकी फरमान, ‘हिंदू धर्म छोड़ो या गांव से चले जाओ’

बिरादरी की पंचायत

Do not bury the dead on not accepting the order of the Panchayat, family hookah stopped water
फाइल फोटो

इन लोगों ने इसके बाद मोहल्ले में बिरादरी की पंचायत बुलाई और अमरीन की हत्या के मामले में फैसला करने का दबाव बनाया। कहा कि फैसला न करने पर शव को बिरादरी के कब्रिस्तान में दफनाने नहीं देंगे। उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया तो पंचायत में उनका हुक्का पानी बंद करने का फरमान सुना दिया गया। उनसे मतलब रखने वालों पर भी जुर्माना लगाने का एलान किया है। 

पंचायत करने वाले आरोपियों में से असगर, टिम्मा, यूसुफ, अख्तर, अकबर व असलम अमरीन के पति के सगे मामा हैं। वे भी अमरीन की हत्या के मामले में नाजायज फैसला करने का दबाव बना रहे हैं। अमरीन के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम हुआ है। अभी तक शव जिला अस्पताल में ही है। अफसरी ने इस मामले में पुलिस बल देकर अमरीन के शव का दफीना कराने की गुहार की है। पुलिस ने इस संबंध में दोनों पक्षों की बैठक थाने में बुलाई है।

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