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पराली मत जलाओ, जैविक खाद्य बनाओ
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मेरठ। खेतों में पराली न जलाएं, इससे जैविक खाद बनाएं। इसे दो फीट गहरे गड्ढे में डालें और उसमें गुड़, चीनी और गोबर मिला दें। 10 से 15 दिन में खाद्य तैयार हो जाएगी, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। इतना ही नहीं, इसे यदि खेत में बिछा देंगे तो खेत में नमी रहने के कारण खेत को कम पानी की जरूरत पड़ेगी...और कागज, मुल्तानी के साथ मिलाकर इससे इको फ्रेंडली बर्तन भी बनाए जा सकते हैं।
पराली जलाने से फैलने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए यह मॉडल सनातन धर्म कन्या इंटर कॉलेज बुढ़ाना गेट की छात्राओं ने तैयार किया है। इसका प्रदर्शन मंगलवार को देवनागरी इंटर कॉलेज में हुई 47वीं जवाहर लाल नेहरू राज्य विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण प्रदर्शनी में किया गया। इसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने कई तरह के मॉडल बनाकर ध्यान केंद्रित किया और सीख दी। वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया। वायु प्रदूषण के अलावा प्रदूषित पानी को स्वच्छ बनाने और इस्तेमाल में लाने, प्राकृतिक चिकित्सा के तहत डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को घर पर गिलोय की बेल, लोबान, चंदन, एलोवेरा और जीरा आदि से दूर करने, वाटर हार्वेस्टिंग और स्मार्ट डस्टबिन के मॉडल भी तैयार किए। दो दिवसीय इस प्रदर्शनी का विषय है, सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी। इसका उद्घाटन देवनागरी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस यादव ने किया। समारोह की अध्यक्षता विद्यालय प्रधानाचार्य सुशील कुमार सिंह ने की। संचालन मेजर सुनील कुमार शर्मा ने किया।
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छात्राओं ने बनाया ‘दवाओं का एटीएम’
सेठ बीके माहेश्वरी बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के तहत दवाओं का एटीएम बनाया, जिसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि लोगों को दवाओं के परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि दवा के लिए अस्पतालों में लगनी वाली लंबी-लंबी लाइनों के मद्देनजर उन्होंने यह मॉडल बनाया है। इसमें दवा की स्लिप डालने, पैसे डालने और दवा लेने का सिस्टम बनाया गया है।
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405 में सिर्फ 12 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
विज्ञान प्रदर्शनी में जिले के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आने वाले 405 में से सिर्फ 12 विद्यालयों ने हिस्सा लिया। इसकी वजह इसका सही से प्रचार-प्रसार न करना है। बुधवार को इसका समापन होगा। दरअसल, इस प्रदर्शनी की घोषणा इस साल सितंबर माह में की गई थी, मगर इसके बाद इसके लिए छात्र-छात्राओं को जागरूक नहीं किया गया।
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पराली जलाने से फैलने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए यह मॉडल सनातन धर्म कन्या इंटर कॉलेज बुढ़ाना गेट की छात्राओं ने तैयार किया है। इसका प्रदर्शन मंगलवार को देवनागरी इंटर कॉलेज में हुई 47वीं जवाहर लाल नेहरू राज्य विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण प्रदर्शनी में किया गया। इसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने कई तरह के मॉडल बनाकर ध्यान केंद्रित किया और सीख दी। वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया। वायु प्रदूषण के अलावा प्रदूषित पानी को स्वच्छ बनाने और इस्तेमाल में लाने, प्राकृतिक चिकित्सा के तहत डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को घर पर गिलोय की बेल, लोबान, चंदन, एलोवेरा और जीरा आदि से दूर करने, वाटर हार्वेस्टिंग और स्मार्ट डस्टबिन के मॉडल भी तैयार किए। दो दिवसीय इस प्रदर्शनी का विषय है, सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी। इसका उद्घाटन देवनागरी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस यादव ने किया। समारोह की अध्यक्षता विद्यालय प्रधानाचार्य सुशील कुमार सिंह ने की। संचालन मेजर सुनील कुमार शर्मा ने किया।
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छात्राओं ने बनाया ‘दवाओं का एटीएम’
सेठ बीके माहेश्वरी बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के तहत दवाओं का एटीएम बनाया, जिसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि लोगों को दवाओं के परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि दवा के लिए अस्पतालों में लगनी वाली लंबी-लंबी लाइनों के मद्देनजर उन्होंने यह मॉडल बनाया है। इसमें दवा की स्लिप डालने, पैसे डालने और दवा लेने का सिस्टम बनाया गया है।
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405 में सिर्फ 12 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
विज्ञान प्रदर्शनी में जिले के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आने वाले 405 में से सिर्फ 12 विद्यालयों ने हिस्सा लिया। इसकी वजह इसका सही से प्रचार-प्रसार न करना है। बुधवार को इसका समापन होगा। दरअसल, इस प्रदर्शनी की घोषणा इस साल सितंबर माह में की गई थी, मगर इसके बाद इसके लिए छात्र-छात्राओं को जागरूक नहीं किया गया।