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स्मार्ट मीटरों की दुश्वारियों से तंग पीवीवीएनएल ने इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने शुरू किए
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स्मार्ट मीटर से बनाई दूरी, इलेक्टॉनिक मीटर पर जताया भरोसा
मेरठ। बिजली चोरी पर लगाम लगाने और पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा कर उपभोक्ताओं के यहां लगाए गए स्मार्ट मीटरों की दुश्वारियों से तंग आकर अब विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों पर ही भरोसा जताया है। नए कनेक्शनों और खराब मीटरों की जगह पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर ही लगाए जाने लगे हैं। विभाग ने इन मीटरों की खेप मंगा ली है।
मीटर में शंट लगाकर बिजली चोरी से परेशान विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाने शुरू किए थे। स्मार्ट मीटरों को बाजार में लाने वाली संस्था ईईएसएल का दावा था कि स्मार्ट मीटर में बिजली चोरी करना तो दूर किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने भर से ही आफिस बैठे अधिकारियों को पता चल जाएगा। बकाया बिल होने पर लाइनमैन को खंभे पर चढ़कर भी कनेक्शन काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसकी महती तकनीक के दम पर ऑफिस में बैठे ही बकाएदार उपभोक्ताओं का कनेक्शन काटा जा सकेगा। मेरठ शहर में 1.80 लाख स्मार्ट मीटर लगा दिए गए। लेकिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन आई स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खामी के चलते शहर के करीब 12 हजार उपभोक्ताओं की बिजली ठप हो गई। पूरे प्रदेश में करीब एक लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए तो लखनऊ में हड़कंप मच गया। सभी मीटरों को चालू करने में विभाग को करीब 24 घंटे का समय लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने इसकी जांच एसटीएफ को सौंपते हुए अगले आदेश तक इन पर रोक लगा दी थी। अधीक्षण अभियंता शहर एके सिंह ने बताया कि यहां पर भी इलेक्ट्रॉनिक मीटर आ चुके हैं। इन मीटरों का लगना शुरू हो गया है। अब बहुत कम पेंडेंसी बची है। इसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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मेरठ। बिजली चोरी पर लगाम लगाने और पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा कर उपभोक्ताओं के यहां लगाए गए स्मार्ट मीटरों की दुश्वारियों से तंग आकर अब विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों पर ही भरोसा जताया है। नए कनेक्शनों और खराब मीटरों की जगह पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर ही लगाए जाने लगे हैं। विभाग ने इन मीटरों की खेप मंगा ली है।
मीटर में शंट लगाकर बिजली चोरी से परेशान विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाने शुरू किए थे। स्मार्ट मीटरों को बाजार में लाने वाली संस्था ईईएसएल का दावा था कि स्मार्ट मीटर में बिजली चोरी करना तो दूर किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने भर से ही आफिस बैठे अधिकारियों को पता चल जाएगा। बकाया बिल होने पर लाइनमैन को खंभे पर चढ़कर भी कनेक्शन काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसकी महती तकनीक के दम पर ऑफिस में बैठे ही बकाएदार उपभोक्ताओं का कनेक्शन काटा जा सकेगा। मेरठ शहर में 1.80 लाख स्मार्ट मीटर लगा दिए गए। लेकिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन आई स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खामी के चलते शहर के करीब 12 हजार उपभोक्ताओं की बिजली ठप हो गई। पूरे प्रदेश में करीब एक लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए तो लखनऊ में हड़कंप मच गया। सभी मीटरों को चालू करने में विभाग को करीब 24 घंटे का समय लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने इसकी जांच एसटीएफ को सौंपते हुए अगले आदेश तक इन पर रोक लगा दी थी। अधीक्षण अभियंता शहर एके सिंह ने बताया कि यहां पर भी इलेक्ट्रॉनिक मीटर आ चुके हैं। इन मीटरों का लगना शुरू हो गया है। अब बहुत कम पेंडेंसी बची है। इसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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