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Meerut News: कब्रिस्तान में शव दफनाने के लिए विवाद, घंटों रखा रहा जनाजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। बिनौली रोड स्थित होटल के पास कब्रिस्तान में रविवार रात शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया। मृतक इलियास का जनाजा कई घंटे तक कब्रिस्तान के बाहर रखा रहा। मृतक के बेटे और रिश्तेदार कब्रिस्तान कमेटी के सदस्यों से शव दफनाने की अनुमति देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कमेटी इस बात पर अड़ी रही कि बाहर के व्यक्ति को कब्रिस्तान में दफन नहीं किया जाएगा।
परिजनों के अनुसार, इलियास के परिवार की ओर से शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान में स्थान मांगा गया था। कमेटी की आपत्ति के बाद काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती रही, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते जनाजा घंटों कब्रिस्तान के बाहर रखा रहा। बाद में परिजन मायूस होकर जनाजा लेकर बिजलीघर के पास स्थित कंकरवाली कब्रिस्तान पहुंचे। वहां इलियास को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी भी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि इससे पहले नई बस्ती के लोगों के जनाजे इसी कब्रिस्तान में दफन किए जाते रहे हैं। ऐसे में अचानक बाहर के व्यक्ति को दफनाने से रोकने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने मामले में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर विवाद का स्थायी समाधान तलाशने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान की व्यवस्था और कमेटी के अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कब्रिस्तान को लेकर विवाद के कारण किसी मृतक के जनाजे को घंटों बाहर रखना उचित नहीं है। वहीं कमेटी का पक्ष सामने नहीं आ सका है।
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सरधना। बिनौली रोड स्थित होटल के पास कब्रिस्तान में रविवार रात शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया। मृतक इलियास का जनाजा कई घंटे तक कब्रिस्तान के बाहर रखा रहा। मृतक के बेटे और रिश्तेदार कब्रिस्तान कमेटी के सदस्यों से शव दफनाने की अनुमति देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कमेटी इस बात पर अड़ी रही कि बाहर के व्यक्ति को कब्रिस्तान में दफन नहीं किया जाएगा।
परिजनों के अनुसार, इलियास के परिवार की ओर से शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान में स्थान मांगा गया था। कमेटी की आपत्ति के बाद काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती रही, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते जनाजा घंटों कब्रिस्तान के बाहर रखा रहा। बाद में परिजन मायूस होकर जनाजा लेकर बिजलीघर के पास स्थित कंकरवाली कब्रिस्तान पहुंचे। वहां इलियास को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी भी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि इससे पहले नई बस्ती के लोगों के जनाजे इसी कब्रिस्तान में दफन किए जाते रहे हैं। ऐसे में अचानक बाहर के व्यक्ति को दफनाने से रोकने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने मामले में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर विवाद का स्थायी समाधान तलाशने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान की व्यवस्था और कमेटी के अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कब्रिस्तान को लेकर विवाद के कारण किसी मृतक के जनाजे को घंटों बाहर रखना उचित नहीं है। वहीं कमेटी का पक्ष सामने नहीं आ सका है।
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