पेड़ काटने का मामला: विधायक व रेंजर में बढ़ी रार, पुलिस ने भी पूरे प्रकरण की शुरू की जांच
सहारनपुर में बेहट विधायक नरेश सैनी और मोहंड के रेंजर मदन मोहन के बीच रार बढ़ गई है। विधायक की शिकायत पर एसडीएम बेहट की ओर से जांच शुरू कर दी गई है, जबकि शिकायतकर्ता की तहरीर पर बिहारीगढ़ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ये मामला मोहंड रेंज में पेड़ कटने के बाद जांच करने गए सामाजिक वानिकी के डीएफओ की जांच के बाद शिकायतकर्ता को वाहन से छुड़वाने के बाद उपजा है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है, लेकिन इसकी चर्चा वन महकमे और जनप्रतिनिधियों में खूब है।
शिवालिक वन प्रभाग अंतर्गत मोहंड रेंज में दीपावली के दौरान सागौन का बेशकीमती पेड़ काटा गया था। यह मामला शिवालिक के वन संरक्षक तक पहुंचा। वन संरक्षक वीके जैन ने डीएफओ को जांच के लिए भेजा। जांच के लिए छह नवंबर को डीएफओ पहुंचे और शिकायतकर्ता तेजपाल सैनी और रेंजर जोशी का बयान दर्ज किया। बताया जाता है कि बयान दर्ज करने के बाद डीएफओ ने शिकायतकर्ता को किसी वाहन से गांव तक छुड़वाने की बात रेंजर से कही। डीएफओ के जाने के बाद अचानक शिकायतकर्ता से रेंजर से बहस हो गई। जिस पर विधायक के करीबी और गांव निवासी तेजपाल सैनी को एक तरह से रेंज क्षेत्र में जबरिया रोक लिया गया। इसी दौरान, रेंजर की विधायक से फोन पर अनबन हो गई। बताया तो यहां तक जाता है कि बिहारीगढ़ पुलिस को भेजकर शिकायतकर्ता तेजपाल को रेंज से छुड़वाना पड़ा।
तेजपाल ने पेड़ कटने को लेकर लगाई थी आरटीआई
बेहट के रहने वाले तेजपाल सैनी ने मोहंड रेंजर के कार्यकाल के दौरान पेड़ कटने सहित अन्य वन से संबंधित मामलों की आरटीआई मांगी थी। जिसे लेकर आरोप है कि रेंजर नाराज चल रहे थे।
शिकायतकर्ता को रेंज में बंधक बनाने की बात आई थी। पुलिस भेजकर रेंज से शिकायतकर्ता को छुड़वाया गया था। पुलिस में भी शिकायतकर्ता ने तहरीर दी है। जिस पर पुलिस अपनी जांच शुरू कर रही है। - संजीव कुमार, एसओ, बिहारीगढ़
विधायक के साथ कोई अभद्रता नहीं की। जंगल के प्रति उनका समर्पण है। विधायक के करीबी लकड़ी चोरी सहित पेड़ काटने और अवैध तरीके से वनों में प्रवेश करते हैं। जिस पर उन्होंने शिकंजा कसा। जिस पर विधायक की ओर से फोन करके जबरन आरोपी को छुड़ाने की बात कही गई। जब मैंने इंकार कर दिया तो विधायक ने उन्हें धमकी दी कि वे उसका तबादला करा देंगे। कोई भी जांच एजेंसी उनकी जांच कर ले। वे पेड़ काटने के मामले में आरोपियों को छोड़ने वाले नहीं है। जहां तक उनकी बात है, वे हर स्तर के जांच को तैयार हैं। - मदन मोहन जोशी, रेंजर मोहंड रेंज
रेंजर ही नहीं पूरे स्टाफ की जांच होनी चाहिए। कमिश्नर, जिलाधिकारी और कंजरवेटर से शिकायत की है। रेंजर ने शिकायतकर्ता को बंधक बनाकर रखा। ये तो गनीमत रही कि शिकायतकर्ता का फोन उन्हें लग गया और प्रशासन-पुलिस को उन्होंने खुद फोनकर रेंज से छुड़वाया। बिहारीगढ़ पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। रेंजर दबंगई दिखा रहा है। उसका तबादला हो चुका है। फिर भी उसे रिलीव क्यों नहीं किया जा रहा है। ये बात समझ में नहीं आ रही है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। - नरेश सैनी, विधायक बेहट, सहारनपुर जनपद
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