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Meerut News: महर्षि दयानंद के जीवन और गुरुकुल शिक्षा पर हुई चर्चा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। आर्य समाज पल्लवपुरम की ओर से शुक्रवार को श्रावणी पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। आर्य विद्वान आचार्य रश्मि आर्य ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन युग परिवर्तन का संदेश देता है। उन्होंने दलित उत्थान, विधवा विवाह, स्त्री शिक्षा, बाल विवाह की समाप्ति और वेदों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
भजनोपदेशक तरस पाल निर्मल ने महर्षि दयानंद के उपकारों और देशभक्ति पर आधारित भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद ने समाज में देशभक्ति की अलख जगाने का काम किया। सायंकालीन सत्र रॉयल कॉलेज में हुआ। आचार्य रश्मि आर्य ने गुरुकुल शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गुरुकुल पद्धति को स्थान मिलना चाहिए। इससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि अंग्रेज भी गुरुकुल शिक्षा की प्रभावशीलता से भयभीत थे।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण गुलशन रहे, जो मुस्लिम समाज से होते हुए भी गुरुकुल नारंगपुर में पढ़े और वर्तमान में वहीं शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। कार्यक्रम में यजमान रवींद्र, राखी, डॉ. आशीष, अनिल ढाका, शशि देवी, ऋषिपाल, धर्मेंद्र प्रधान, लक्ष्य, इंद्रा, रेखा, सुधा प्रधान, ओमबाला, महीधर शर्मा, अनिला आदि मौजूद रहे।
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मोदीपुरम। आर्य समाज पल्लवपुरम की ओर से शुक्रवार को श्रावणी पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। आर्य विद्वान आचार्य रश्मि आर्य ने महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन युग परिवर्तन का संदेश देता है। उन्होंने दलित उत्थान, विधवा विवाह, स्त्री शिक्षा, बाल विवाह की समाप्ति और वेदों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
भजनोपदेशक तरस पाल निर्मल ने महर्षि दयानंद के उपकारों और देशभक्ति पर आधारित भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद ने समाज में देशभक्ति की अलख जगाने का काम किया। सायंकालीन सत्र रॉयल कॉलेज में हुआ। आचार्य रश्मि आर्य ने गुरुकुल शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गुरुकुल पद्धति को स्थान मिलना चाहिए। इससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि अंग्रेज भी गुरुकुल शिक्षा की प्रभावशीलता से भयभीत थे।
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कार्यक्रम का विशेष आकर्षण गुलशन रहे, जो मुस्लिम समाज से होते हुए भी गुरुकुल नारंगपुर में पढ़े और वर्तमान में वहीं शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। कार्यक्रम में यजमान रवींद्र, राखी, डॉ. आशीष, अनिल ढाका, शशि देवी, ऋषिपाल, धर्मेंद्र प्रधान, लक्ष्य, इंद्रा, रेखा, सुधा प्रधान, ओमबाला, महीधर शर्मा, अनिला आदि मौजूद रहे।
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