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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Dilshad Murder case: Delhi police got a lead from the last call Tamanche was bought from meerut

इसलिए हुई दिलशाद की हत्या, मेरठ से खरीदे गए थे तमंचे, ...आखिरी कॉल से मिली लीड

Wed, 05 Sep 2018 10:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 05 Sep 2018 10:59 AM IST
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Dilshad Murder case: Delhi police got a lead from the last call Tamanche was bought from meerut
दिलशाद खान की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

बसपा से जिला पंचायत सदस्य और बिल्डर मवाना निवासी दिलशाद खान (35) की सोमवार को दिल्ली में हुई हत्या की गुत्थी को 22 घंटे में ही दिल्ली पुलिस ने सुलझा लिया। दिल्ली की जामिया नगर थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों जाकिर नगर निवासी फहाद खान (18) और जोगाबाई एक्सटेंशन जामिया नगर निवासी फरहान अंसारी (19) को गिरफ्तार किया है। खुलासा हुआ कि हत्या की घटना राजनीतिक नहीं बल्कि बदले की भावना से अंजाम दी गई। आगे जानें पुलिस को कैसे मिला हत्या का सुराग:-

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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी फहाद आरोपी शादाब का भांजा है। 31 मई को शादाब पर फायरिंग हुई थी, जिसमें वह घायल हो गया था। इस मामले में दिलशाद खान उसके दो भतीजे तालिब व साकिब गिरफ्तार हुए थे। तालिब व साकिब अब भी जेल में हैं, जबकि दिलशाद 24 अगस्त को जमानत पर आया था। आरोपियों ने खुलासा किया है कि बदला लेने के लिए दिलशाद खान की हत्या की है। पुलिस वारदात में शादाब की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों ही पक्षों में इलाके में अपना रौब जमाने के लिए रंजिश चल रही थी। हाल ही में ई-रिक्शा की पार्किंग को लेकर शादाब व दिलशाद के बीच विवाद   हुआ था। प्लॉट पर कब्जे को लेकर भी दोनों पक्षों में तनातनी  चल रही थी।

शव पहुंचते ही कोहराम
मवाना। मंगलवार को दिलशाद का शव पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव सठला पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। महिलाओं और बच्चों का बुरा हाल था। रात को नमाज के बाद दिलशाद के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जिपं. सदस्य नवाजिश मंजूर, पालिका चेयरमैन अय्यूब कालिया, विनोद भाटी, प्रशांत आदि नेता दिलशाद के जनाजे को कंधा देने पहुंचे। गांव के काफी लोग सांत्वना देने पहुंचे। 

गांव के छह लोग नामजद 
दिलशाद के साले डॉ. मुशर्रफ ने बताया कि उनके बहनोई की हत्या पुरानी रंजिश के चलते हुई है। कुछ माह पहले पार्किंग को दिल्ली के बटला में एक वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद हुआ था। उसी झगड़े में दिलशाद तिहाड़ जेल गए थे। लगभग दस दिन पहले ही वह जमानत पर लौटे थे। परिजनों ने बताया कि दूसरे पक्ष ने ही दिलशाद की हत्या कराई है। इस हत्या में परिजनों ने ग्राम सठला निवासी फहाद, अतीक उर्फ मुर्गी, अकबर समेत छह लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया। फिलहाल सभी आरोपी दिल्ली में ही रह रहे हैं। 

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गांव से रेकी, दिल्ली में हत्या

Dilshad Murder case: Delhi police got a lead from the last call Tamanche was bought from meerut
दिलशाद खान की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

हत्या को अंजाम देने के लिए रेकी दिलशाद के मूल गांव सठला मवाना से हुई थी। बताया गया कि जेल से छूटने के बाद दिलशाद दो दिन पहले सठला गांव में आया था। रविवार को दिलशाद दिल्ली लौट गया था। बताया गया कि हमलावरों ने गांव से ही दिलशाद की रेकी शुरू कर दी थी। वहीं, दिलशाद के साले डॉ. मुशर्रफ का कहना है कि यहां से जाने के बाद अगले दिन ही दिलशाद की हत्या कर दी गई। 

सीसीटीवी फुटेज और आखिरी कॉल से मिली लीड
पुलिस को दिलशाद हत्याकांड खोलने में सीसीटीवी फुटेज और दिलशाद के मोबाइल पर आई आखिरी कॉल से लीड मिलनी शुरू हुई थी। दरअसल हत्या की वारदात को हेलमेट पहने दो युवकों ने अंजाम दिया था। यह जानकारी मौका-ए-वारदात के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चली। फुटेज की जांच में सामने आया कि दो हमलावर पैदल आए थे और दिलशाद को गोली मारने के बाद पैदल ही भागते हुए दिखाई दे रहे थे। फुटेज में बदमाशों ने पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था। संभवतया दिलशाद हमलावरों को जानता था। जब वह घर से नीचे आया तो हेलमेट लगा होने के बावजूद हमलावरों को पहचान गया था।

पुलिस को जहां फुटेज से दोनों आरोपियों के बारे में सुराग हाथ लगा था तो वहीं, दिलशाद के साले डॉ. मुशर्रफ के अनुसार पुलिस ने दिलशाद के मोबाइल पर आई आखिरी कॉल के आधार पर जांच करनी शुरू कर दी थी। जांच में सामने आया कि मवाना के सठला गांव के कई लोग जामिया नगर दिल्ली में आकर बस गए हैं। दिलशाद भी परिवार के साथ जामिया नगर में रहता था। पता चला कि दिलशाद का सठला गांव के कुछ लोगों से वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। ई-रिक्शा की पार्किंग और संपत्ति विवाद को लेकर रंजिश पनप गई थी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिलशाद हत्या के प्रयास के मामले में जेल से 24 अगस्त को जमानत पर आया था। वह ब्याज पर भी रुपये देता था। दिलशाद का सठला गांव निवासी व जामिया नगर में ही रह रहे शादाब से ई-रिक्शा की पार्किंग को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद में शादाब पर गोलियां चली थीं। मामले में दिलशाद समेत उसके दो भतीजे तालिब व साकिब की गिरफ्तारी हुई थी। तालिब व साकिब अभी जेल में ही हैं। पुलिस अब इस वारदात में शादाब की तलाश कर रही है।

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मेरठ से खरीदे थे हत्या में प्रयुक्त तमंचे

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिलशाद खान को .315 बोर के तमंचे से गोली मारी गई है। मौके से .315 बोर के तीन खोखे मिले हैं। .315 बोर का तमंचा मेरठ में आसानी से मिल जाता है। माना जा रहा है कि दिलशाद की हत्या के लिए मेरठ से ही तमंचा खरीदा गया होगा।

पीछे से लगी थीं गोलियां
दिलशाद को चार गोलियां लगी थीं। मंगलवार को शव के पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि हुई। वहीं, पुलिस के अनुसार दिलशाद के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत चार मामले दर्ज थे। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिलशाद को चारों गोलियां पीछे की तरफ से लगीं। दो गोलियां छाती में आकर धंस गई थीं। एक गोली पीठ व चौथी गोली कमर में लगी थी। बताया जा रहा है कि मौके पर बदमाशों ने छह राउंड फायरिंग की थी।  वहीं, फुटेज के अनुसार दिलशाद हमलावरों से बचकर भागा था, तो उस पर फायरिंग की गई थी।

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