तेल में खेल: नगर निगम की गाडि़यों में डीजल-पेट्रोल डलवाने को लेकर चल रही सेटिंग
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नगर निगम में अफसरों की कारें, दिल्ली रोड व सूरजकुंड वाहन डिपो के कूड़ा वाहन और जलकल विभाग की गाड़ियों को मिलाकर 255 से अधिक वाहन हैं। करीब 100 वाहन अकेले सूरजकुंड डिपो के हैं। बाकी गाड़ी निगम अधिकारी और दिल्ली रोड वाहन डिपो की हैं। इनके लिए प्रतिमाह 40 से 45 लाख रुपये का डीजल व पेट्रोल खरीदा जाता है।
दस किलोमीटर दूर स्थित पेट्रोल पंप आने जाने में निगम की गाड़ियों को रोज बीस किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इसमें डीजल जलने के साथ करीब एक घंटा समय भी बर्बाद होता है। इस कारण प्रतिदिन देरी से काम शुरू हो पाता है।
होर्डिंग माफिया का कब्जा
होर्डिंग ठेकेदार ने शहर में होर्डिंग कारोबार के अलावा निगम की मशीनरी पर भी कब्जा कर लिया है। एक तरफ निगम के अधिकारी होर्डिंग ठेकेदार से बीओटी मार्गों पर अनुबंध की शर्तों के मुताबिक काम नहीं ले पा रहे हैं, वहीं होर्डिंग माफिया के हापुड़ रोड स्थित पेट्रोल पंप से निगम अधिकारी अपनी गाड़ियों को भी मुक्त नहीं करा पा रहे हैं। उसके पंप से प्रतिमाह लाखों रुपये का डीजल-पेट्रोल खरीदा जा रहा है।
पहले दिल्ली रोड से खरीदा जाता था
निगम अधिकारियों की गाड़ी और दिल्ली रोड वाहन डिपो की कूड़ा गाड़ी, जलकल विभाग की गाड़ियों के लिए डीजल और पेट्रोल की खरीद पहले दिल्ली रोड स्थित पेट्रोल पंपों से होती थी। ये एक से दो किमी की दूरी पर थे। अब 20 किमी. का दूर जाना पड़ता है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार सूरजकुंड वाहन डिपो की गाड़ियों का डीजल तो हापुड़ रोड स्थित पेट्रोल पंप से बंद करा दिया गया है। दिल्ली रोड वाहन डिपो के वाहनों का तेल बंद कराने के लिए डिपो प्रभारी से रिपोर्ट मांगी गई थी। पूरा मामला संज्ञान में नहीं है। पता कराया जाएगा। -अमित सिंह, अपर नगरायुक्त।
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