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एक्सप्रेस वे पर समस्याओं के निदान का सफर शुरू
Sat, 09 Feb 2019 01:54 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Sat, 09 Feb 2019 01:54 AM IST
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मेरठ
- फोटो : meerut
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मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर निर्माण के चलते लोगों को आ रही भारी परेशानी का निदान शुरू हो गया है। अव्यवस्थाओं के खिलाफ उठाई गई ‘अमर उजाला’ की आवाज पर एनएचएआई ने गंभीरता दिखाई और नए कट का निर्माण शुरू कर दिया। अब लोगों को शहर में आने के लिए दो किमी घूमकर नहीं आना पड़ेगा। इसके अलावा यहां सर्विस रोड भी बनाई जाएगी।
इस एक्सप्रेस वे के अंतिम चरण में डासना से मेरठ के बीच निर्माण किया जा रहा है। सबसे अहम काम है परतापुर में अंडरपास और आरओबी का निर्माण। इसी को लेकर मेरठ-दिल्ली मार्ग पर यातायात बाधित है। ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। लेकिन जिस तरह की व्यवस्था यहां की गई, उसने लोगों को हलाकान कर दिया। यदि दिल्ली की तरफ से आकर मेरठ शहर में प्रवेश करना हो तो कट परतापुर चौराहे से लगभग दो किमी आगे बनाया गया है। इसका असर यह रहा कि रोडवेज बस, ट्रक आदि को डिवाइडर के ऊपर से चढ़ाकर रांग साइड लाया जाने लगा। इससे दुर्घटना और जाम दोनों से ही स्थिति बिगड़ गई। बाकी लोगों को कट से घूमकर आने में परेशानी जारी रही। बड़ी समस्या यह भी है कि जब कट से घूमकर परतापुर ओवरब्रिज पर चढ़ो तो इस मार्ग का हाल बुरा हो गया है। यहां मिट्टी, कंकरीट, टूटी सड़क आदि से होकर लोगों को गुजरना पड़ रहा है। एनएचएआई ने यहां सर्विस रोड नहीं बनाई। इसके अलावा यदि मेरठ से हरिद्वार की तरफ घूमना हो तो उस तरफ जाने केलिए भी जो कट बनाया है वह खतरनाक है। यहां मार्ग संकरा है सामने सड़क गहरी। यहां भी जाम लग रहा है।
अमर उजाला बना जनता की आवाज
अमर उजाला ने इस मामले को जोरशोर से उठाया। आइना बनकर दिखाया कि यहां किस तरह से हालात खराब हैं। अभियान चलाया। इसका परिणाम यह रहा कि ट्रैफिक पुलिस एक्शन में आ गई। डिवाइडर के ऊपर से वाहन लेकर रांग साइड आ रहे लोगों के चालान काटने शुरू कर दिए। नतीजा, रांग साइड वाहनों की एंट्री बंद हो गई।
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अब कट पर काम शुरू
अभियान का असर यह रहा कि एनएचएआई अधिकारियों की टीम ने यहां का दौरा किया। अब इस पर काम शुरू हो गया है। सबसे पहले हरिद्वार की तरफ नया कट बनाया जा रहा है। यह टर्न परतापुर चौराहे से बमुश्किल 200 मीटर की दूरी पर ही बनाया गया है। इससे लाभ होगा कि शहर में आने के लिए अब दो किमी दूर जाकर घूमने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे रांग साइड आने की मंशा भी लोग छोड़ेंगे क्योंकि कट दूर नहीं है। ऐसे में जाम भी कम लगेगा। इसके अलावा सर्विस रोड भी बनेगी तथा दिल्ली की तरफ का कट भी सही होगा।
कम करना होगा होगा रोडवेज को भी किराया
यहां कट ज्यादा दूर होने की मार यात्रियों पर पड़ी। रोडवेज बसों में किराया बढ़ा दिया गया। दिल्ली से मेेरठ के बीच एक तरफ से ही पांच रुपये किराया बढ़ा दिया गया है। अब चूंकि कट नजदीक ही बन जाएगा तो रोडवेज को यह किराया भी घटाना होगा।
बारिश से काम हुआ प्रभावित
मेरठ। बारिश और ओलावृष्टि के चलते एक्सप्रेस वे का निर्माण फिर प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर मिट्टी बैठ गई है। सभी मशीनों को खडा करना पडा। परतापुर तिराहे के पास बन रहे अंडरपास में दो से तीन फीट पानी भरने से काम कई दिन तक रोकना होगा। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल से पहले ही एक्सप्रेस वे का सभी कार्य पूरा हो जाएगा। एनएचएआई की टीम को यहां का जायजा लेना था। लेकिन बारिश के चलते शुक्रवार को दौरा निरस्त कर दिया गया। काशी व सोलाना के पीछे बन रहे एक्सप्रेस वे में कई जगह जमीन धंसी है। भूडबराल रजवाहे के बीच आरओबी के पिलरों का काम तथा तिराहे पर अंडरपास की दीवारों का काम भी पानी भरने के कारण रोकना पड़ा। सपोर्टिंग सिस्टम भी प्रभावित हुआ।
दूर करेंगे लोगों की परेशानी
लोगाें को परेशानी न हो, इसके लिए कट पर काम किया जा रहा है। सर्विस रोड भी बनाएंगे। बारिश से काम थोड़ा जरूर धीमा हुआ है। लेकिन हमारा पूरा प्रयास है कि समय से काम पूरा हो जाए। -किशोर कान्याल, परियोजना निदेशक एनएचएआई
इस एक्सप्रेस वे के अंतिम चरण में डासना से मेरठ के बीच निर्माण किया जा रहा है। सबसे अहम काम है परतापुर में अंडरपास और आरओबी का निर्माण। इसी को लेकर मेरठ-दिल्ली मार्ग पर यातायात बाधित है। ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। लेकिन जिस तरह की व्यवस्था यहां की गई, उसने लोगों को हलाकान कर दिया। यदि दिल्ली की तरफ से आकर मेरठ शहर में प्रवेश करना हो तो कट परतापुर चौराहे से लगभग दो किमी आगे बनाया गया है। इसका असर यह रहा कि रोडवेज बस, ट्रक आदि को डिवाइडर के ऊपर से चढ़ाकर रांग साइड लाया जाने लगा। इससे दुर्घटना और जाम दोनों से ही स्थिति बिगड़ गई। बाकी लोगों को कट से घूमकर आने में परेशानी जारी रही। बड़ी समस्या यह भी है कि जब कट से घूमकर परतापुर ओवरब्रिज पर चढ़ो तो इस मार्ग का हाल बुरा हो गया है। यहां मिट्टी, कंकरीट, टूटी सड़क आदि से होकर लोगों को गुजरना पड़ रहा है। एनएचएआई ने यहां सर्विस रोड नहीं बनाई। इसके अलावा यदि मेरठ से हरिद्वार की तरफ घूमना हो तो उस तरफ जाने केलिए भी जो कट बनाया है वह खतरनाक है। यहां मार्ग संकरा है सामने सड़क गहरी। यहां भी जाम लग रहा है।
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अमर उजाला बना जनता की आवाज
अमर उजाला ने इस मामले को जोरशोर से उठाया। आइना बनकर दिखाया कि यहां किस तरह से हालात खराब हैं। अभियान चलाया। इसका परिणाम यह रहा कि ट्रैफिक पुलिस एक्शन में आ गई। डिवाइडर के ऊपर से वाहन लेकर रांग साइड आ रहे लोगों के चालान काटने शुरू कर दिए। नतीजा, रांग साइड वाहनों की एंट्री बंद हो गई।
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अब कट पर काम शुरू
अभियान का असर यह रहा कि एनएचएआई अधिकारियों की टीम ने यहां का दौरा किया। अब इस पर काम शुरू हो गया है। सबसे पहले हरिद्वार की तरफ नया कट बनाया जा रहा है। यह टर्न परतापुर चौराहे से बमुश्किल 200 मीटर की दूरी पर ही बनाया गया है। इससे लाभ होगा कि शहर में आने के लिए अब दो किमी दूर जाकर घूमने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे रांग साइड आने की मंशा भी लोग छोड़ेंगे क्योंकि कट दूर नहीं है। ऐसे में जाम भी कम लगेगा। इसके अलावा सर्विस रोड भी बनेगी तथा दिल्ली की तरफ का कट भी सही होगा।
कम करना होगा होगा रोडवेज को भी किराया
यहां कट ज्यादा दूर होने की मार यात्रियों पर पड़ी। रोडवेज बसों में किराया बढ़ा दिया गया। दिल्ली से मेेरठ के बीच एक तरफ से ही पांच रुपये किराया बढ़ा दिया गया है। अब चूंकि कट नजदीक ही बन जाएगा तो रोडवेज को यह किराया भी घटाना होगा।
बारिश से काम हुआ प्रभावित
मेरठ। बारिश और ओलावृष्टि के चलते एक्सप्रेस वे का निर्माण फिर प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर मिट्टी बैठ गई है। सभी मशीनों को खडा करना पडा। परतापुर तिराहे के पास बन रहे अंडरपास में दो से तीन फीट पानी भरने से काम कई दिन तक रोकना होगा। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल से पहले ही एक्सप्रेस वे का सभी कार्य पूरा हो जाएगा। एनएचएआई की टीम को यहां का जायजा लेना था। लेकिन बारिश के चलते शुक्रवार को दौरा निरस्त कर दिया गया। काशी व सोलाना के पीछे बन रहे एक्सप्रेस वे में कई जगह जमीन धंसी है। भूडबराल रजवाहे के बीच आरओबी के पिलरों का काम तथा तिराहे पर अंडरपास की दीवारों का काम भी पानी भरने के कारण रोकना पड़ा। सपोर्टिंग सिस्टम भी प्रभावित हुआ।
दूर करेंगे लोगों की परेशानी
लोगाें को परेशानी न हो, इसके लिए कट पर काम किया जा रहा है। सर्विस रोड भी बनाएंगे। बारिश से काम थोड़ा जरूर धीमा हुआ है। लेकिन हमारा पूरा प्रयास है कि समय से काम पूरा हो जाए। -किशोर कान्याल, परियोजना निदेशक एनएचएआई