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धोखाधड़ी के खेल में वाणिज्य विभाग को करोड़ों रुपये का चूना, जानें क्या है पूरा मामला
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Thu, 12 Jan 2017 10:39 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
फर्जी दस्तावेज के आधार पर वाणिज्य कर विभाग का टिन नंबर लेने और विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगाने का एक नया मामला सामने आया है। एसआईबी को जागृति विहार 6/5 सी के पते पर पंजीकृत शक्ति ट्रेडर्स नाम की फर्म मौके पर संचालित नहीं मिली। जो पंजीकरण कराने के डेढ़ साल के अंदर करीब 14 करोड़ का कारोबार कर गायब हो गई। विभाग ने संबंधित फर्म का पंजीकरण निरस्त करने की तैयारी के साथ ऑनलाइन टैक्स बिल जारी करने पर रोक लगा दी है।
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एडिशनल कमिश्नर विनोद कुमार सिंह के अनुसार इस फर्म का पंजीकरण करीब डेढ़ साल पहले कराया गया था। बीते वित्तीय साल में उसका कारोबार सीमित रहा। लेकिन इस साल व्यापक पैमाने पर प्रांत के बाहर से टाइल्स, स्टोन व अन्य सामान की खरीद की गई। इसके बाद उसकी बिक्री भी प्रांत के बाहर दिखा दी। यानी माल की बिक्री केंद्रीय कोटे के तहत दिखाई गई, जिसमें उसे सिर्फ 2 फीसदी टैक्स देना होता है। संबंधित फर्म ने वो टैक्स चुकाया भी। लेकिन स्पेशल इन्वेेस्टिगेशन ब्रांच (एसआईबी) के एक अधिकारी ने ऑनलाइन जांच के दौरान जब शक्ति ट्रेडर्स की बिक्री को देखा तो शक हुआ कि आखिरकार सारा माल प्रांत बाहर से खरीद कर प्रांत के बाहर ही बेचा गया है तो फिर ऐसे में फर्म का मेरठ से क्या लेना देना।
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एडिशनल कमिश्नर का कहना है कि फर्म ने सारा माला यूपी में ही बेचा है। लेकिन टैक्स से बचने के लिए उनसे केंद्रीय बिक्री दिखाई। क्योंकि यूपी में बेचने पर 14.5 फीसदी टैक्स देना होता। लेकिन उसने 12.5 फीसदी टैक्स इस खेल में बचाया है। जब फर्म का भौतिक सत्यापन कराया गया तो वहां आवासीय भवन मिला। वहां पर रहने वाले लोगों का कहना है कि आज तक यहां पर कोई फर्म संचालित ही नहीं हुई है। ऐसे में साफ हो जाता है कि फर्म का सारा काम धोखाधड़ी पर आधारित है। इसलिए अब विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
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