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तप, त्याग से होता है धर्मों का पालन : ज्ञान भूषण
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प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत मंदिर
श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में दशलक्षण पर्व पर श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान का आयोजन
हस्तिनापुर। कस्बे के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में दशलक्षण पर्व पर चल रहे श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान में जिनेंद्र भगवान के अभिषेक के बाद मंत्रों के साथ शांतिधारा संपन्न हुई। इस अवसर पर आचार्य 108 ज्ञान भूषण महाराज ने कहा कि क्षमा, मार्दव, आर्जव भाव रूपी धर्म हैं। सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग के माध्यम से धर्मों का पालन किया जाता हैं
ब्रह्मचर्य धर्म हमें शारीरिक बल और औज देता है। ब्रह्मचर्य के रहने से शरीर मे उर्जा बनी रहती है, जो विपरित स्थितियों मे सक्रिय होकर शरीर की सक्रियता को बनाये रखते है। संत महापुरुष जब ज्ञान की गहराई में उतरते है तो आत्म साध कर लेते है, अपनी आत्मा और धर्म को एक कर लेते है इसका नाम है उत्तम ब्रह्यचर्य धर्म हैं। रात्रि के कार्यक्रम में 48 दीपो से भक्तामर पाठ किया गया। कार्यक्रम को सफल बनानें में क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेन्द्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जैन, विजय कुमार जैन, महाप्रबन्धक मुकेश जैन अतुल जैन, उमेश जैन, कमल जैन, ने सहयोग किया। शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रमोद जैन, सुशीला जैन, प्रफुल जैन, निखिल जैन, नुपुर जैन, दीपा जैन, अक्षणा जैन ने की।
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हस्तिनापुर। कस्बे के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में दशलक्षण पर्व पर चल रहे श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान में जिनेंद्र भगवान के अभिषेक के बाद मंत्रों के साथ शांतिधारा संपन्न हुई। इस अवसर पर आचार्य 108 ज्ञान भूषण महाराज ने कहा कि क्षमा, मार्दव, आर्जव भाव रूपी धर्म हैं। सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग के माध्यम से धर्मों का पालन किया जाता हैं
ब्रह्मचर्य धर्म हमें शारीरिक बल और औज देता है। ब्रह्मचर्य के रहने से शरीर मे उर्जा बनी रहती है, जो विपरित स्थितियों मे सक्रिय होकर शरीर की सक्रियता को बनाये रखते है। संत महापुरुष जब ज्ञान की गहराई में उतरते है तो आत्म साध कर लेते है, अपनी आत्मा और धर्म को एक कर लेते है इसका नाम है उत्तम ब्रह्यचर्य धर्म हैं। रात्रि के कार्यक्रम में 48 दीपो से भक्तामर पाठ किया गया। कार्यक्रम को सफल बनानें में क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेन्द्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जैन, विजय कुमार जैन, महाप्रबन्धक मुकेश जैन अतुल जैन, उमेश जैन, कमल जैन, ने सहयोग किया। शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रमोद जैन, सुशीला जैन, प्रफुल जैन, निखिल जैन, नुपुर जैन, दीपा जैन, अक्षणा जैन ने की।
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