{"_id":"68f36774045b47a50c0f7943","slug":"dhanteras-2025-silver-prices-double-to-1-78-lakh-per-kg-demand-for-coins-and-silver-bricks-surges-in-meerut-2025-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस पर चमकी चांदी: एक साल में दोगुनी हुई कीमत, फिर भी खरीदारों की लगी भीड़, बाजारों में रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस पर चमकी चांदी: एक साल में दोगुनी हुई कीमत, फिर भी खरीदारों की लगी भीड़, बाजारों में रौनक
Sat, 18 Oct 2025 03:40 PM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Sat, 18 Oct 2025 03:40 PM IST
सार
धनतेरस पर मेरठ में चांदी की ईंट और सिक्कों की खूब खरीदारी हो रही है। एक साल में चांदी का भाव 95 हजार से बढ़कर 1.78 लाख रुपये प्रति किलो हो गया है। कीमतें दोगुनी होने के बावजूद निवेशक चांदी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
विज्ञापन
विस्तार
चांदी की महंगाई ने इस बार पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। बाजार में इस बार चांदी की थाली, मूर्तियों से ज्यादा चांदी की ईंट और सिक्कों की खरीदारी हो रही है। एक साल में सोने का भाव 95 हजार से बढ़कर 1.78 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इसके बाद भी खरीदारी चरम पर है। चांदी के दाम लगभग दोगुना होने के बाद भी निवेश लगातार जारी है।
विज्ञापन
ड्रिजलिंग डायमंड के संचालक विपुल अग्रवाल ने बताया कि इस बार ग्राहकों में चांदी के प्रति प्रेम बढ़ा है। आस्था और निवेश दोनों को देखते हुए ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आधा किलो चांदी की ब्रिक 90 हजार के आसपास पहुंच गई है। बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन महामंत्री और चांदी के सिक्कों के व्यापारी विजय आनंद अग्रवाल ने बताया कि पुराना सिक्का 2,150 और नया सिक्का 2100 रुपये में बिक रहा है। वर्ष 2024 में इसकी कीमत 1,100 रुपये थी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: एक लाख का इनामी मुठभेड़ में ढेर: बाग में ठेकेदारी करते अपराध में कूदा नफीस, कभी चलाता था नकली नोटों का नेटवर्क
विज्ञापन
बाजार में इस बार पूर्व की भांति रामलला और पंचमुखी हनुमान की मूर्ति की भी मांग है। सराफ व्यापारी आलोक गुप्ता ने बताया कि निवेश की दृष्टि से बर्तन आदि चांदी के खरीद रहे हैं। शहर के चांदी व्यापारी और बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि चांदी की ईंट आधा किग्रा से ढाई किग्रा तक वजन की बेची जा रही हैं। इसके अलावा ईंट का भाग गव 90 हजार के आसपास है। दिपावली पर लक्ष्मी-गणेश और कुबेर की मूर्तियों की परंपरागत मांग है।