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धान की रोपाई करने गया कृषि विवि का छात्र आया करंट की चपेट में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2016 02:19 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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कृषि विश्वविद्यालय में धान लगा रहे बीएससी एजी के छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे सीओ दौराला से छात्रों की जमकर नोकझोंक हुई। इस दौरान छात्रों और सीओ के बीच हाथापाई तक हो गई। सीओ ने लाठी उठाई तो शिक्षकों ने उन्हें रोक दिया। देर शाम छात्र विवि परिसर में धरने पर बैठ गए।
जनपद सीतापुर थाना हरगांव गांव मोमना बाद निवासी विवेक वर्मा (22) पुत्र रामसागर वर्मा कृषि विवि में बीएससी तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह विवि के सुभाष भवन हास्टल में रहता था। बृहस्पतिवार सुबह छह बजे वह छात्र विकास बाबू, राहुल, कुलदीप, संदीप और अटल के साथ प्रैक्टिकल क्रॉप प्रोडक्शन (पीसीपी) पर धान की रोपाई करने गया था। बताया गया कि खेत में पानी भरा हुआ था और वहां से सीटीसी के लिए अंडरग्राउंड केबल डाला गया था।
केबल कटने के कारण उसमें करंट आ गया, जिसकी चपेट में आकर विवेक झुलस गया। साथी छात्र बाइक से आनन-फानन में उसे अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कुलपति डॉ गया प्रसाद, सुरक्षा अधिकारी वीके कटारिया, डीएसडब्लू डॉ अनिल सिरोही, पीसीपी इंचार्ज डॉ राजबीर सिंह, डॉ यूपी शाही आदि अस्पताल पहुंचे। सूचना पर पल्लवपुरम और दौराला पुलिस भी पहुंची। वहीं विवेक का मौसेरा भाई आलोक वर्मा भी मेरठ से अस्पताल पहुंच गया। आलोक मेरठ मेें ही यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल ऑफिस में कार्यरत है। इस दौरान आलोक, भाजपा मंडलमंत्री गौरव चौहान और मंडल महामंत्री विक्रांत ढाका ने विवि प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
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करीब साढ़े दस बजे घटना स्थल पर पहुंचे सीओ दौराला डॉ अरविंद कुमार और इंस्पेक्टर दौराला परशुराम ने छात्रों से बातचीत की। इस बीच सीओ ने छात्रों को करंट देखकर खेत में घुसने की हिदायत दी तो छात्र भड़क गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इस पर सीओ ने छात्र को थप्पड़ मारने का प्रयास किया तो सभी छात्रों ने विरोध कर दिया। विरोध के बीच धक्का मुक्की और हाथापाई हो गई। वहां मौजूद डीएसडब्लू, सुरक्षा अधिकारी ने किसी तरह सीओ को शांत किया और छात्रों को वहां से हटाया। देर शाम विवि परिसर में छात्र भी धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। वहीं छात्र के पिता ने विवि की लापरवाही बताते हुए पीसीपी इंचार्ज के खिलाफ थाने पर तहरीर दी है।
नहीं आई एंबुलेंस
कृषि विवि में हर माह हजारों रुपये एंबुलेंस पर खर्च किए जाते हैं। छात्र को करंट लगते ही एंबुलेंस के लिए फोन किया गया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंची। आधा घंटा इंतजार करने के बाद छात्र बाइक से विवेक को लेकर अस्पताल पहुंचे। वहीं छात्रों का आरोप है कि पीसीपी इंचार्ज राजबीर सिंह ने खेत को सड़क की ओर बढ़ा दिया था, जिस कारण वहां लगे केबल से छात्र को करंट लगा।
कमेटी करेगी जांच
कृषि विवि में घटना के बाद कुलपति डॉ गया प्रसाद ने डीन ऐजी प्रोफेसर शमशेर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया। जिसमें डीएसडब्लू डॉ अनिल सिरोही, डीन बायोटेक डॉ एसके भटनागर, डॉ बिजेंद्र सिंह, इंजीनियर दीपक मिश्रा शामिल हैं। कमेटी दोपहर एक बजे घटना स्थल पहुंची। जिसकी जांच में सामने आया कि अंडरग्राउंड केबल कटा हुआ था। खेत में एक दिन पहले रुटावेटर चलाया गया था। जिस कारण केबल कट गया।
परिजनों का बुरा हाल
छात्र की मौत के बाद मोर्चरी पहुंचे पिता रामसागर का रो रोकर बुरा हाल था। बोले कि पढ़ाई करने के लिए भेजा था, यह नहीं पता था कि बेटा दुनिया से चला जाएगा। रामसागर के दो बेटे और तीन बेटी हैं। बड़ा विपिन और छोटा बेटा विवेक था। जबकि बेटी उमा, कामिनी और पूजा हैं। हादसे के बाद मृतक की मां गुड़िया की भी हालत खराब है।
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जनपद सीतापुर थाना हरगांव गांव मोमना बाद निवासी विवेक वर्मा (22) पुत्र रामसागर वर्मा कृषि विवि में बीएससी तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह विवि के सुभाष भवन हास्टल में रहता था। बृहस्पतिवार सुबह छह बजे वह छात्र विकास बाबू, राहुल, कुलदीप, संदीप और अटल के साथ प्रैक्टिकल क्रॉप प्रोडक्शन (पीसीपी) पर धान की रोपाई करने गया था। बताया गया कि खेत में पानी भरा हुआ था और वहां से सीटीसी के लिए अंडरग्राउंड केबल डाला गया था।
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केबल कटने के कारण उसमें करंट आ गया, जिसकी चपेट में आकर विवेक झुलस गया। साथी छात्र बाइक से आनन-फानन में उसे अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कुलपति डॉ गया प्रसाद, सुरक्षा अधिकारी वीके कटारिया, डीएसडब्लू डॉ अनिल सिरोही, पीसीपी इंचार्ज डॉ राजबीर सिंह, डॉ यूपी शाही आदि अस्पताल पहुंचे। सूचना पर पल्लवपुरम और दौराला पुलिस भी पहुंची। वहीं विवेक का मौसेरा भाई आलोक वर्मा भी मेरठ से अस्पताल पहुंच गया। आलोक मेरठ मेें ही यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल ऑफिस में कार्यरत है। इस दौरान आलोक, भाजपा मंडलमंत्री गौरव चौहान और मंडल महामंत्री विक्रांत ढाका ने विवि प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
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करीब साढ़े दस बजे घटना स्थल पर पहुंचे सीओ दौराला डॉ अरविंद कुमार और इंस्पेक्टर दौराला परशुराम ने छात्रों से बातचीत की। इस बीच सीओ ने छात्रों को करंट देखकर खेत में घुसने की हिदायत दी तो छात्र भड़क गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इस पर सीओ ने छात्र को थप्पड़ मारने का प्रयास किया तो सभी छात्रों ने विरोध कर दिया। विरोध के बीच धक्का मुक्की और हाथापाई हो गई। वहां मौजूद डीएसडब्लू, सुरक्षा अधिकारी ने किसी तरह सीओ को शांत किया और छात्रों को वहां से हटाया। देर शाम विवि परिसर में छात्र भी धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। वहीं छात्र के पिता ने विवि की लापरवाही बताते हुए पीसीपी इंचार्ज के खिलाफ थाने पर तहरीर दी है।
नहीं आई एंबुलेंस
कृषि विवि में हर माह हजारों रुपये एंबुलेंस पर खर्च किए जाते हैं। छात्र को करंट लगते ही एंबुलेंस के लिए फोन किया गया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंची। आधा घंटा इंतजार करने के बाद छात्र बाइक से विवेक को लेकर अस्पताल पहुंचे। वहीं छात्रों का आरोप है कि पीसीपी इंचार्ज राजबीर सिंह ने खेत को सड़क की ओर बढ़ा दिया था, जिस कारण वहां लगे केबल से छात्र को करंट लगा।
कमेटी करेगी जांच
कृषि विवि में घटना के बाद कुलपति डॉ गया प्रसाद ने डीन ऐजी प्रोफेसर शमशेर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया। जिसमें डीएसडब्लू डॉ अनिल सिरोही, डीन बायोटेक डॉ एसके भटनागर, डॉ बिजेंद्र सिंह, इंजीनियर दीपक मिश्रा शामिल हैं। कमेटी दोपहर एक बजे घटना स्थल पहुंची। जिसकी जांच में सामने आया कि अंडरग्राउंड केबल कटा हुआ था। खेत में एक दिन पहले रुटावेटर चलाया गया था। जिस कारण केबल कट गया।
परिजनों का बुरा हाल
छात्र की मौत के बाद मोर्चरी पहुंचे पिता रामसागर का रो रोकर बुरा हाल था। बोले कि पढ़ाई करने के लिए भेजा था, यह नहीं पता था कि बेटा दुनिया से चला जाएगा। रामसागर के दो बेटे और तीन बेटी हैं। बड़ा विपिन और छोटा बेटा विवेक था। जबकि बेटी उमा, कामिनी और पूजा हैं। हादसे के बाद मृतक की मां गुड़िया की भी हालत खराब है।