फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Devshayani Ekadashi today, Chaturmas begin, Lord Vishnu will remain in yoga sleep for next few months

देवशयनी एकादशी आज, चतुर्मास शुरू, अगले 148 दिन तक योग निद्रा में रहेंगे भगवान विष्णु  

Wed, 01 Jul 2020 12:46 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 01 Jul 2020 12:46 AM IST
सार

  • चतुर्मास में करें मीठे व अन्न का दान, बंद रहेंगे मांगलिक कार्य

विज्ञापन
Devshayani Ekadashi today, Chaturmas begin, Lord Vishnu will remain in yoga sleep for next few months
भगवान विष्णु - फोटो : ANI

विस्तार

आज बुधवार को देवशयनी एकादशी है। मान्यता है कि यह भगवान विष्णु के आध्यात्मिक जगत में अपने कर्म कर्तव्य निभाने के लिए प्रस्थान करने की तिथि कहलाती है। अब चार माह तक भगवान विष्णु क्षीर सागर में शेषनाग की शैय्या पर योग निद्रा में रहेंगे।

विज्ञापन


उनके साथ में अन्य दिव्य शक्तियां भी आध्यात्मिक जगत से प्रस्थान कर जाती हैं। चतुर्मास में पृथ्वी पर भगवान शंकर की तमोगुणी संहारक शक्ति ही रह जाती है। ऐसे में इन चार माह में सतोगुणी जप, पूजन, ध्यान, साधना, दान, पुण्य, हवन अवश्य करना चाहिए। 
विज्ञापन


भगवान शिव का शीतल जल से अभिषेक, रुद्र रूप को कल्याणकारी शिव में परिवर्तित करने के लिए स्वयं का स्वभाव भी शीतल बनाना चाहिए। साथ ही भगवान विष्णु का चतुर्भुजी रूप शेषनाग की शैय्या पर विराजे, उनकी नाभि कमल में विराजे ब्रह्माजी और भगवान विष्णु के चरणों पर सेवारत लक्ष्मीजी के चित्र का ध्यान करते हुए चतुर्मास को व्यतीत करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

चतुर्मास असल में संन्यासियों द्वारा समाज को मार्गदर्शन करने का समय है। आम आदमी इन चार महीनों में सिर्फ सत्य बोले तो उसे अपने अंदर आध्यात्मिक प्रकाश नजर आएगा। अब 25 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी को श्रीहरि योग निद्रा से उठेंगे।

चतुर्मास में सभी मांगलिक कार्यक्रम वर्जित रहेंगे। इस बार संयोग से देवशयनी और देवोत्थानी एकादशी बुधवार के दिन ही पड़ रही हैं। वहीं अधिमास होने के कारण इस बार चतुर्मास पांच माह के होंगे। 

ईश्वर की भक्ति ही उपयुक्त 
चतुर्मास में पूरी तरह ईश्वर की भक्ति में डूबे रहें। बदलते मौसम में जब शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति बेहद कम होती है, तब आध्यात्मिक शक्ति प्राप्ति के लिए व्रत करना, उपवास रखना और ईश्वर की आराधना करना बेहद लाभदायक माना जाता है। सूर्य चंद्रमा और प्रकृति का तेजस तत्व भी इन दिनों कम हो जाता है। नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ने लगता है। ऐसे में देव पूजन द्वारा सकारात्मक शक्तियों को जाग्रत रखा जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed