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शहर के विकास को निगम तैयार, मौसम खुलने का इंतजार
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शहर के विकास को निगम तैयार, मौसम खुलने का इंतजार
मेरठ। महानगर की जनता को अभी 15 दिन और टूटी सड़कों की परेशानी झेलनी पड़ेगी। नगर निगम ने सड़कों को बनवाने की तैयारी तो कर ली है, लेकिन बरसात का मौसम रुकावट बन रहा है। माना जा रहा है कि शहर में अगले माह सभी क्षेत्रों में विकास कार्य होते नजर आएंगे।
इस समय महानगर की सड़कों का बुरा हाल है। शहर में गड्ढा मुक्त सड़कों को तलाशना भारी पड़ रहा है। शहर की अधिकतर सड़कें गड्ढों में खो गई हैं। किसी भी सड़क पर निकलते समय लोगों को अगला कदम गड्ढे में पहुंचने का भय रहता है। नगर निगम प्रशासन ने पिछले माह शहर की लगभग 100 सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पुरी की। इसमें नगर निगम बोर्ड फंड और 14वें वित्त खजाने से सड़कों का निर्माण किया जाना है।
सड़कों की दुर्दशा देखकर नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने भी बरसात खत्म होते ही सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए थे। निगम के चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार का कहना है कि शहर की 87 गलियों में एक साथ सड़कों को बनाने का काम शुरू होने वाला है। इसके अलावा 14वें वित्त के खजाने से महापौर कैंप कार्यालय के बाहर वाली सड़क सहित एक दर्जन सड़कें बनाई जाएंगी। बारिश होने के कारण सड़क निर्माण सामग्री के लिए प्लांट नहीं चले हैं। उम्मीद है कि 15 सितंबर से प्लांट चल जाएंगे तो सड़क बनाने का काम भी शुरू हो जाएगा।
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नगर निगम से इंदिरा चौक तक ही 48 गड्ढे
मेरठ। शहर की कुछ सड़कों को जल निगम की जेसीबी ने तोड़ डाला तो कुछ जलभराव और घटिया सामग्री के कारण टूट गईं। अगर नगर निगम से इंदिरा चौक तक की बात करें तो 48 स्थानों पर गहरे गड्ढे ही हैं। ऐसा ही हाल कई अन्य सड़कों का है। अमर उजाला टीम ने नगर निगम मुख्यालय के सामने से घंटाघर- जिला अस्पताल मार्ग छतरीवाला पीर, खेरनगर फव्वारा चौराहा, बुढ़ाना गेट चौराहा से होते हुए इंदिरा चौक तक टूटी सड़क के गड्ढे गिने। इस मार्ग से निगम के सभी अधिकारी और कर्मचारी दिन में चार बार गुजरते हैं। लेकिन सड़कों के गड्ढे न दिखे इसके लिए अफसर अपनी गाड़ियों के शीशे बंद कर लेते हैं। निगम अधिकारियों को उप्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल सड़कों की गड्ढा मुक्ति याद नहीं आती।
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ये है सड़कों में गड्ढों का हाल
- नगर निगम मुख्यालय के बाहर से घंटाघर तक छह स्थानों पर गड्ढे हैं।
- घंटाघर द्वार के सामने सड़क बदहाल है।
- डाकघर से जिला अस्पताल के सामने छतरीवाले पीर तक पांच स्थानों पर सड़क टूटी है। महिला जिला अस्पताल के पास पुलिया धंस गई है।
- छतरी वाले पीर से खैरनगर, फव्वारा चौक तक चार स्थानों पर सड़क में गड्ढे हो गए हैं। सीवर, मेनहॉल के पास सड़कें टूट रही हैं।
- फव्वारा चौक से बुढ़ाना गेट चौक तक सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं। जल निगम ने यहां सीवर लाइन के लिए सड़क खोदी थी।
- बुढ़ाना गेट से इंदिरा चौक तक सीवर लाइन के लिए सड़क खुदाई के कारण जगह जगह सड़क टूटी पड़ी है।
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मेरठ। महानगर की जनता को अभी 15 दिन और टूटी सड़कों की परेशानी झेलनी पड़ेगी। नगर निगम ने सड़कों को बनवाने की तैयारी तो कर ली है, लेकिन बरसात का मौसम रुकावट बन रहा है। माना जा रहा है कि शहर में अगले माह सभी क्षेत्रों में विकास कार्य होते नजर आएंगे।
इस समय महानगर की सड़कों का बुरा हाल है। शहर में गड्ढा मुक्त सड़कों को तलाशना भारी पड़ रहा है। शहर की अधिकतर सड़कें गड्ढों में खो गई हैं। किसी भी सड़क पर निकलते समय लोगों को अगला कदम गड्ढे में पहुंचने का भय रहता है। नगर निगम प्रशासन ने पिछले माह शहर की लगभग 100 सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पुरी की। इसमें नगर निगम बोर्ड फंड और 14वें वित्त खजाने से सड़कों का निर्माण किया जाना है।
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सड़कों की दुर्दशा देखकर नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने भी बरसात खत्म होते ही सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए थे। निगम के चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार का कहना है कि शहर की 87 गलियों में एक साथ सड़कों को बनाने का काम शुरू होने वाला है। इसके अलावा 14वें वित्त के खजाने से महापौर कैंप कार्यालय के बाहर वाली सड़क सहित एक दर्जन सड़कें बनाई जाएंगी। बारिश होने के कारण सड़क निर्माण सामग्री के लिए प्लांट नहीं चले हैं। उम्मीद है कि 15 सितंबर से प्लांट चल जाएंगे तो सड़क बनाने का काम भी शुरू हो जाएगा।
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नगर निगम से इंदिरा चौक तक ही 48 गड्ढे
मेरठ। शहर की कुछ सड़कों को जल निगम की जेसीबी ने तोड़ डाला तो कुछ जलभराव और घटिया सामग्री के कारण टूट गईं। अगर नगर निगम से इंदिरा चौक तक की बात करें तो 48 स्थानों पर गहरे गड्ढे ही हैं। ऐसा ही हाल कई अन्य सड़कों का है। अमर उजाला टीम ने नगर निगम मुख्यालय के सामने से घंटाघर- जिला अस्पताल मार्ग छतरीवाला पीर, खेरनगर फव्वारा चौराहा, बुढ़ाना गेट चौराहा से होते हुए इंदिरा चौक तक टूटी सड़क के गड्ढे गिने। इस मार्ग से निगम के सभी अधिकारी और कर्मचारी दिन में चार बार गुजरते हैं। लेकिन सड़कों के गड्ढे न दिखे इसके लिए अफसर अपनी गाड़ियों के शीशे बंद कर लेते हैं। निगम अधिकारियों को उप्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल सड़कों की गड्ढा मुक्ति याद नहीं आती।
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ये है सड़कों में गड्ढों का हाल
- नगर निगम मुख्यालय के बाहर से घंटाघर तक छह स्थानों पर गड्ढे हैं।
- घंटाघर द्वार के सामने सड़क बदहाल है।
- डाकघर से जिला अस्पताल के सामने छतरीवाले पीर तक पांच स्थानों पर सड़क टूटी है। महिला जिला अस्पताल के पास पुलिया धंस गई है।
- छतरी वाले पीर से खैरनगर, फव्वारा चौक तक चार स्थानों पर सड़क में गड्ढे हो गए हैं। सीवर, मेनहॉल के पास सड़कें टूट रही हैं।
- फव्वारा चौक से बुढ़ाना गेट चौक तक सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं। जल निगम ने यहां सीवर लाइन के लिए सड़क खोदी थी।
- बुढ़ाना गेट से इंदिरा चौक तक सीवर लाइन के लिए सड़क खुदाई के कारण जगह जगह सड़क टूटी पड़ी है।
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