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73 करोड़ खर्च होने पर भी ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा

Fri, 27 Jun 2025 01:52 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:52 AM IST
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Despite spending Rs 73 crore, villagers are still at risk of floods
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ को रोकने के लिए 73 करोड़ रुपये खर्च किए गए, परंतु ग्रामीणों को अभी भी बाढ़ का खतरा सता रहा है।
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बरसात के मौसम में प्रतिवर्ष खादर क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। प्रतिवर्ष खादर क्षेत्र में बड़े नुकसान को देखते हुए सरकार ने बाढ़ को रोकने के लिए 49 करोड़ की परियोजना से फतेहपुर प्रेम मंदिर के समीप कटाव निरोध तटबंध का निर्माण कराया। परंतु उसके बाद भी बाढ़ ने यहां अपना कहर बरपाया। इसके बाद बाढ़ के पुख्ता प्रबंध करने के लिए 73 करोड़ की परियोजना की स्वीकृति हुई और बजट भी पास हुआ। जिसके तहत तटबंध का निर्माण किया जा रहा है।
परंतु इस तटबंध का निर्माण मुजफ्फरनगर की सीमा से हस्तिनानुर के गांव सिरजेपुर तक बनाया गया है, जबकि यह गांव मनोहरपुर के पुल तक बनाया जाना प्रस्तावित था। कुल दूरी 11 किलोमीटर थी, जिसमें करीब सात किलोमीटर दूरी तक ही बन सका है।
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ग्रामीण बृजपाल सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा किसानों की भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकतर किसानों ने अपनी सहमति देते हुए सिंचाई विभाग को इसके लिए जमीन के बैनामे करा दिए हैं। परंतु सिंचाई विभाग ने यहां तटबंध का निर्माण नहीं कराया है। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में करीब एक हजार आबादी वाले गांव सिरजेपुर, हादीपुर गांवड़ी गांव के लोगों की नींद उड़ी हुई है।
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ग्रामीण बितेंद्र, उमेश, सुरेश आदि लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू होते ही गंगा नदी तूफान पर आ जाती है। उनके गांव के समीप तटबंध का निर्माण न होने से बाढ़ का खतरा अभी बरकरार है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने तटबंध के निर्माण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, परंतु यहां पर तटबंध का निर्माण रुका हुआ है।

दस हेक्टेयर भूमि होती है प्रभावित
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, खादर क्षेत्र में बाढ़ आने से किसानों की करीब 10 हजार हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित होती है। इससे किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है। 2023 में भी पानी तटबंध को तोड़कर बाहर निकल आया था। किसानों को इसका अभी तक उचित मुआवजा नहीं मिला है, जिसकी वह लगातार मांग कर रहे हैं।


कटाव रोकने के लिए नहीं किए प्रबंध
73 करोड़ की परियोजना से खादर क्षेत्र में करीब पांच किलोमीटर के तटबंध का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, परंतु इसके कटान को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। बारिश होने के बाद तटबंध में लगाई गई बालू रेत भरभराकर नीचे की ओर आ रही है। इससे तटबंध के टूटने का खतरा बना हुआ है।

तटबंध के लिए किसानों ने नहीं दी भूमि
निर्माणाधीन तटबंध को लेकर सिरजेपुर गांव के समीप कुछ किसानों ने भूमि नहीं दी है। इस कारण आगे का कार्य रुका है। -प्रमोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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