यूपी बोर्ड परीक्षा में डिप्टी सीएम करेंगे औचक निरीक्षक, जान लीजिए ये नियम
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इसके तहत 50 प्रतिशत कक्ष निरीक्षक बाहरी होंगे। नकल रोकने के लिए शासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मेरठ की समीक्षा कर रहे डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा या तो परीक्षा के दौरान खुद औचक निरीक्षण कर सकते हैं या किसी अफसर को भेज सकते हैं।
सीसीटीवी कैमरे, परिचय पत्र
बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम छह फरवरी से बताया गया। परीक्षा केंद्रों पर अगर सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले तो इसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य की होगी। जिन अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी, उनके पास भी फोटोयुक्त परिचय पत्र होना चाहिए, जिस पर पूर्ण विवरण हो। अध्यापकों को सफेद बेस पर नीले अक्षरों में अंकित परिचय पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन कक्ष निरीक्षकों का कोई पाल्य, निकट संबंधी या परिजन उस परीक्षा केंद्र विशेष पर परीक्षा दे रहा होगा, तो वे उस केंद्र पर कक्ष निरीक्षक का पात्र नहीं होगा। जिन तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को परीक्षा कार्य में लगाया जाएगा, उनके भी पहचान पत्र बनवाकर कार्यालय में प्रतिहस्ताक्षरित कराने पड़ेंगे।
कक्ष निरीक्षकों की स्थिति
परीक्षा केंद्र पर प्रत्येक कक्ष में 40 परीक्षार्थियों तक दो कक्ष निरीक्षक तथा 41 से 60 परीक्षार्थियों तक तीन कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे। प्रत्येक कमरे में कम से कम 25 परीक्षार्थी का होना आवश्यक है। अगर विद्यालय में कोई ऐसा अध्यापक या कर्मचारी कार्यरत है जिसे परिषद द्वारा परीक्षा कार्यों से डिबार रखा गया है, तो ऐसे अध्यापक और कर्मचारियों को परीक्षा के समय में विद्यालय में प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा समाप्ति के बाद ही वे विद्यालय में प्रवेश कर सकेंगे।
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सब कुछ ऑनलाइन
सीसीटीवी कैमरों के अलावा विद्यालय में कंप्यूटर सिस्टम और इंटरनेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सूचनाएं ऑनलाइन अपलोड की जाएंगी। परीक्षा के समय ऑपरेटर मौजूद रहेंगे।
मूलभूत सुविधाएं
स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। जिन कक्षों की खिड़की, दरवाजे क्षतिग्रस्त हों, उनकी मरम्मत होगी। विद्युत आपूर्ति न होने पर जेनरेटर की व्यवस्था होगी। परीक्षा प्रश्न पत्र सीसीटीवी की नजर में हों। प्रश्न पत्र कम हों या परीक्षा केंद्र के लिए आवंटित विषय के अनुरूप न हों तो 15 दिन पहले इसकी सूचना दी जाए। डीआईओएस ने बताया कि ये निर्देश सभी प्रधानाचार्यों को भेज दिए गए हैं।
ऑनलाइन अपडेट करें प्राप्तांक
यूपी बोर्ड कार्यालय से निर्देश दिए गए हैं कि प्रयोगात्मक परीक्षाएं निर्धारित समयावधि में कराते हुए ऑनलाइन प्राप्तांकों को वेबसाइट पर अपलोड करें। छात्र-छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा की पूर्ण जानकारी समय से दे दी जाए, ताकि पूर्ण तैयारी के साथ परीक्षाएं दे सकें। जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए जो समय दिया गया है, वह उसी समय होंगी।
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