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श्रीश्री के बयान से उलेमा नाराज, ‘मंदिर तोड़ मस्जिद और मस्जिद तोड़ मंदिर बनाने का सिलसिला खत्म हो’

Sun, 11 Nov 2018 04:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवबंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवबंद Updated Sun, 11 Nov 2018 04:15 AM IST
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Deobandi Ulema upset after Sri Sri Ravishankar statement on Ram temple
देवबंद
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की बात कहने को लेकर देवबंदी उलेमा ने नाराजगी का इजहार किया है। उलेमा का कहना है कि सेक्युलर मुल्क में रहकर इस तरह की बातें करना गैर जिम्मेदाराना है।
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मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड का कहना है कि कल तक श्रीश्री रविशंकर राम मंदिर मुद्दे पर बैठकर बात करने का राग अलाप रहे थे और आज वह सुप्रीम कोर्ट को नजर अंदाज कर अध्यादेश लाने का बयान दे रहे हैं। 
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यह सरासर गैर जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि मंदिर तोड़कर मस्जिद और मस्जिद को तोड़कर मंदिर बनाने का सिलसिला समाप्त होना चाहिए। क्योंकि इससे मुल्क के साथ ही संविधान कमजोर होगा। 
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जो लोग यह सोच रहे हैं कि संविधान और मुल्क के कमजोर होने का नुकसान किसी विशेष वर्ग को उठाना पड़ेगा तो यह सोच गलत है, जबकि सच्चाई यह है कि अगर ऐसा होता है तो तमाम भारतीयों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। 

मुफ्ती अहमद ने कहा कि आज वक्त आ गया है कि लोगों को बांटकर सत्ता में आने वालों को बहुत ही सूझ बूझ के साथ सत्ता से हटाया जाए। प्रजातंत्र को तानाशाही से किस तरह महफूज रखा जाए यह देशवासियों को सोचना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे साधु संतों को इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए।
 
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