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देवबंदी उलमा बोले- अब दारुल उलूम में एंड्रायड मोबाइल का प्रयोग नहीं कर पाएंगे छात्र
Fri, 05 Jul 2019 12:11 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 05 Jul 2019 12:11 AM IST
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दारुल उलूम देवबंद
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इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम में गुरुवार से नया शिक्षण सत्र आरंभ हो गया। इसके साथ संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने छात्रों को मेहनत और लगन के साथ तालीम हासिल करने की नसीहत दी। उन्होंने यह भी कहा कि संस्था के अंदर एंड्रायड मोबाइल के इस्तेमाल पर पूर्णतया प्रतिबंध है। यदि किसी छात्र के पास से यह मोबाइल पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में आयोजित हुए कार्यक्रम में मोहतमिम मौलाना नोमानी ने कहा कि छात्रों की जिम्मेदारी बनती है कि वह जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए यहां आए हैं, उसी पर ध्यान केंद्रित करें और फिजूल के कामों से बचें। उन्होंने नसीहत करते हुए कहा कि छात्र मेहनत, लगन और पूरी ईमानदारी के साथ तालीम हासिल करें और इसकी रोशनी को दूर-दूर तक फैलाने का काम करें।
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वहीं बताया कि इस्लामी तालीम इंसान को सही रास्ते पर चलने का पैगाम देती है। इसके साथ ही मोहतमिम ने छात्रों को अपने पूर्ण के निर्णय से अवगत कराते हुए बताया कि संस्था में एंड्रायड फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसलिए कोई भी छात्र ऐसा मोबाइल अपने पास न रखें। समय-समय पर छात्रों के कमरों में तलाशी अभियान चलाया जाता है। इसलिए अगर किसी छात्र के पास से एंड्रायड मोबाइल मिलता है तो उसके विरुद्ध सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। मुफ्ती सईद अहमद पालनपुरी ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत कारी अब्दुल रऊफ की तिलावत-ए-कलाम पाक से हुई जबकि मौलवी जीशान व मौलवी जकवाम ने दारुल उलूम का तराना पढ़ा। इस मौके पर मौलाना सलमान बिजनौरी, मौलाना शौकत कासमी, मौलाना रिहान, मौलाना मुफ्ती मुजम्मिल, मौलाना फैजान कासमी समेत मदरसा छात्र मौजूद रहे।
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