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बीजेपी प्रवक्ता के बयान से देवबंदी उलमा खफा, कहा- मुसलमानों पर बोलेने से पहले पढ़ें इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवबंद
Updated Sun, 06 May 2018 02:19 AM IST
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फाइल फोटो
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दिल्ली प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता अश्वनी उपाध्याय के बयान पर देवबंदी उलमा ने नाराजगी जताई है। उलमा ने कहा कि उपाध्याय इतिहास से हटकर बात कर रहे हैं। कोई भी बयान देने से पहले उन्हें इतिहास की जानकारी रखनी चाहिए। अश्वनी उपाध्याय ने कहा था कि जब से मुस्लिम आक्रमणकारी भारत आए तब से बलात्कार की घटनाएं शुरू हुई हैं ।
शनिवार को प्रतिक्रिया देते हुए दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा कि अश्वनी उपाध्याय इतिहास से वाकिफ नहीं हैं। पहले वो इतिहास उठाकर देख लें की मुसलमानों ने हमेशा महिलाओं को सम्मान दिया और उनकी हिफाजत की।
मौलाना ने कहा कि मजहब-ए-इस्लाम से पहले महिलाओं की क्या हालत थी वो किसी से छिपी हुई नहीं है। महिलाओं को जुए में दांव पर लगाया जाता था और उन्हें जिंदा दफन किया जाता था। जब से इस्लाम धर्म की शुरुआत हुई तब से महिलाओं को सम्मान मिलना शुरू हुआ।
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शनिवार को प्रतिक्रिया देते हुए दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा कि अश्वनी उपाध्याय इतिहास से वाकिफ नहीं हैं। पहले वो इतिहास उठाकर देख लें की मुसलमानों ने हमेशा महिलाओं को सम्मान दिया और उनकी हिफाजत की।
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मौलाना ने कहा कि मजहब-ए-इस्लाम से पहले महिलाओं की क्या हालत थी वो किसी से छिपी हुई नहीं है। महिलाओं को जुए में दांव पर लगाया जाता था और उन्हें जिंदा दफन किया जाता था। जब से इस्लाम धर्म की शुरुआत हुई तब से महिलाओं को सम्मान मिलना शुरू हुआ।
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उन पर अत्याचार में कमी होने लगी। आज महिलाओं को सम्मान की नजर से देखा जाना इस्लाम की देन है। मौलाना सालिम अशरफ ने कहा कि मुसलमानों पर सवाल उठाने से पहले इतिहास पढ़ें उससे पता लग जाएगा कि झांसी की रानी के सिपेहसालार मुसलमान थे।
जिन्होंने मुस्लिम शासकों का साथ न देकर झांसी की रानी की ओर से जंग लड़ी थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देने के पीछे का उद्देश्य केवल इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करना है। इन बयानों का सच्चाई से दूर दूर तक का वास्ता नहीं है।
जिन्होंने मुस्लिम शासकों का साथ न देकर झांसी की रानी की ओर से जंग लड़ी थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देने के पीछे का उद्देश्य केवल इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करना है। इन बयानों का सच्चाई से दूर दूर तक का वास्ता नहीं है।