फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Demand to withdraw the amendment of the Electricity Act

इलेक्ट्रिसिटी एक्ट का संशोधन वापस लेने की मांग

Thu, 09 Jan 2020 01:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 01:51 AM IST
विज्ञापन
Demand to withdraw the amendment of the Electricity Act
इलेक्ट्रिसिटी एक्ट का संशोधन वापस लेने की मांग
विज्ञापन

मेरठ। ट्रेड यूनियनों के भारत बंद को पीवीवीएनएल के कर्मचारियों का भी समर्थन मिला। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी एक दिन के कार्य बहिष्कार पर रहे। देरशाम उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन पीवीवीएनएल एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी को सौंपा।
ऊर्जा भवन पर धरने पर बैठे कर्मचारियों का नेतृत्व इं. राजीव माहेश्वरी ने किया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिीसिटी एक्ट में जो संशोधन करने का प्रयास किया जा रहा है, वह न्याय संगत नहीं है। यदि यह बिल पारित हो जाता है तो सब्सिडी और क्रास सब्सिडी तीन साल में खत्म हो जाएगी। इसका सीधा प्रभाव आम उपभोक्ता और किसानों पर पड़ेगा। उन्हें बिजली महंगी मिलेगी, जबकि वाणिज्यिक संस्थानों की बिजली सस्ती होगी। दिलमणि थपलियाल ने कहा कि सरकार की नीति चौकाने वाली है। एक्ट संशोधन के अनुसार, हर उपभोक्ता को बिजली लागत का पूरा मूल्य देना होगा। ऐसे में बिजली की दरें 10 से 12 रुपये प्रति यूनिट हो जाएंगी। निजी बिजली कंपनियां मुनाफे वाले उपभोक्ताओं को बिजली देकर भारी मुनाफा कमाएंगी। एक्ट संशोधन वापस लिए जाने समेत विभिन्न मांगों का ज्ञापन एमडी को सौंपा गया।
विज्ञापन

इसके अलावा बिजलीकर्मियों को मिलने वाली रियायती बिजली की व्यवस्था बरकरार रखने, विद्युत परिषद के विघटन के बाद भर्ती कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, बिजली कर्मचारी सुरक्षा अधिनियम जल्द बनाने, वेतन विसंगतियों को दूर करने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती किए जाने की मांग रखी। ज्ञापन सौंपने वालों में जेई संगठन के आरएस गुप्ता, अरविंद कुमार, आशुतोष, सौरभ श्रीवास्तव, विद्युत कार्यालय संघ से विवेक सक्सेना, प्रदीप डोगरा, अभियंता संघ से इं. एके सिंह, इं. रोहित कुमार, आशुलिपिक संघ से पीसी जोशी, राम मूरत वर्मा और विद्युत मजदूर पंचायत से दीपचंद चौहान, नरेश चंद शर्मा, हरिराज सिंह, जतन पहलवान और पीवीवीएनएल की क्रीड़ा अधिकारी अलका तोमर भी मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ठेकेदारों ने लगाया शोषण का आरोप
मेरठ। पीवीवीएनएल के तहत आईपीडीएस और डीडीजीजेयूआई न्यू योजना में काम कर रहे ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों पर आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अधिकारी ठेकेदारों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने जब ऊर्जा मंत्री से शिकायत करने की बात कही तो वह बदले की भावना से काम करने लगे। यही नहीं उन्होंने यहां तक कह दिया कि 11वीं और 12वीं योजना के ठेकेदारों ने भी उनके सामने मनमानी का प्रयास किया था। उन्होंने भी ऊर्जा मंत्री से शिकायत की, लेकिन कोई कुछ नहीं कर सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed