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Meerut News: आईएएस संतोष वर्मा को निलंबित करने की मांग
Fri, 28 Nov 2025 02:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Nov 2025 02:43 AM IST
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बड़ौद टीआई निलंबित
मोदीपुरम। कृषि विकास और किसान कल्याण विभाग के उप सचिव संतोष कुमार वर्मा के खिलाफ तत्काल निलंबन, बर्खास्तगी और आपराधिक अभियोजन की मांग उठी है। यह मांग श्रम कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुनील भराला ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में की है।
पत्र में भराला ने कहा कि उप सचिव के खिलाफ अब तक की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई अपर्याप्त है। सामान्य प्रशासन विभाग की अवर सचिव फरहीन खान द्वारा जारी “कारण बताओ” नोटिस भी उनके कदाचार और अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज करता है। संतोष कुमार के चरित्र पर पहले भी कानूनी विवाद और कारावास का इतिहास रहा है। उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सार्वजनिक रूप से भड़काऊ बयान जारी किया, जिसमें विशेष रूप से ब्राह्मण समुदाय को निशाना बनाया गया।
भराला ने लिखा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि देश की जनता के बीच घृणा फैलाने का प्रयास है। जांच लंबित रहने के बावजूद अधिकारी को सेवा में बनाए रखना प्रशासनिक तंत्र में विश्वास को कमजोर करता है। उन्होंने तत्काल प्रशासनिक निष्कासन और कठोर आपराधिक कार्रवाई को ही पर्याप्त और उचित प्रतिक्रिया बताया। पत्र में मध्य प्रदेश सरकार से तुरंत रिपोर्ट शुरू करने और वर्मा की सेवाओं को समाप्त करने के लिए सभी आवश्यक कानूनी प्रावधान लागू करने का आग्रह किया गया।
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पत्र में भराला ने कहा कि उप सचिव के खिलाफ अब तक की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई अपर्याप्त है। सामान्य प्रशासन विभाग की अवर सचिव फरहीन खान द्वारा जारी “कारण बताओ” नोटिस भी उनके कदाचार और अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज करता है। संतोष कुमार के चरित्र पर पहले भी कानूनी विवाद और कारावास का इतिहास रहा है। उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सार्वजनिक रूप से भड़काऊ बयान जारी किया, जिसमें विशेष रूप से ब्राह्मण समुदाय को निशाना बनाया गया।
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भराला ने लिखा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि देश की जनता के बीच घृणा फैलाने का प्रयास है। जांच लंबित रहने के बावजूद अधिकारी को सेवा में बनाए रखना प्रशासनिक तंत्र में विश्वास को कमजोर करता है। उन्होंने तत्काल प्रशासनिक निष्कासन और कठोर आपराधिक कार्रवाई को ही पर्याप्त और उचित प्रतिक्रिया बताया। पत्र में मध्य प्रदेश सरकार से तुरंत रिपोर्ट शुरू करने और वर्मा की सेवाओं को समाप्त करने के लिए सभी आवश्यक कानूनी प्रावधान लागू करने का आग्रह किया गया।
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