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अंतरराज्यीय बसों के स्टाफ के लिए मांगा खर्च
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अंतरराज्यीय बसों के स्टाफ के लिए मांगा खर्च
मेरठ। लॉकडाउन में फंसे लोगों को दूसरे राज्यों से लाने और यहां से लेकर जाने वाली अंतरराज्यीय बस सेवा और राज्य में लंबी दूरी की बसों पर चलने वाले स्टाफ को प्रतिदिन 300 रुपये व्यक्तिगत खर्च दिया जाएगा। यह आदेश उप्र राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने दिए हैं। यह खर्च जिला प्रशासन से लिया जाएगा। इसे आपातकालीन बस सेवा की बुकिंग धनराशि में जोड़ कर भेजा जाएगा।
लॉकडाउन के चलते काफी लोग दूसरे राज्यों में फंसे हैं। सरकार ने इनको लाने और प्रदेश में फंसे दूसरे राज्यों के लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था की है। जिला प्रशासन की मांग पर रोडवेज बसें भेज रहा है। इसके लिए विभाग ने किलोमीटर के हिसाब से आपातकालीन बस सेवा की बुकिंग धनराशि तो तय कर दी, लेकिन इन बसों पर चलने वाला स्टाफ व्यक्तिगत खर्च की मांग कर रहा था। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने कहा है कि अंतर राज्य बस सेवा और राज्य की लंबी दूरी की बसों में एक दिन से ज्यादा ड्यूटी करने वालों को 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाएंगे। यह खर्च जिला प्रशासन से लिया जाएगा।
प्रबंध निदेशक के आदेश के बाद सभी डिपो ने बस बिल में व्यक्तिगत खर्च की धनराशि जोड़कर भेजनी शुरू कर दी है। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि लंबी दूरी की बसों में चलने वाले स्टाफ को खर्चे के लिए पैसों की जरूरत होती है। बस स्टाफ को 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से व्यक्तिगत खर्चा दिया जाएगा।
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मेरठ। लॉकडाउन में फंसे लोगों को दूसरे राज्यों से लाने और यहां से लेकर जाने वाली अंतरराज्यीय बस सेवा और राज्य में लंबी दूरी की बसों पर चलने वाले स्टाफ को प्रतिदिन 300 रुपये व्यक्तिगत खर्च दिया जाएगा। यह आदेश उप्र राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने दिए हैं। यह खर्च जिला प्रशासन से लिया जाएगा। इसे आपातकालीन बस सेवा की बुकिंग धनराशि में जोड़ कर भेजा जाएगा।
लॉकडाउन के चलते काफी लोग दूसरे राज्यों में फंसे हैं। सरकार ने इनको लाने और प्रदेश में फंसे दूसरे राज्यों के लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था की है। जिला प्रशासन की मांग पर रोडवेज बसें भेज रहा है। इसके लिए विभाग ने किलोमीटर के हिसाब से आपातकालीन बस सेवा की बुकिंग धनराशि तो तय कर दी, लेकिन इन बसों पर चलने वाला स्टाफ व्यक्तिगत खर्च की मांग कर रहा था। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने कहा है कि अंतर राज्य बस सेवा और राज्य की लंबी दूरी की बसों में एक दिन से ज्यादा ड्यूटी करने वालों को 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाएंगे। यह खर्च जिला प्रशासन से लिया जाएगा।
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प्रबंध निदेशक के आदेश के बाद सभी डिपो ने बस बिल में व्यक्तिगत खर्च की धनराशि जोड़कर भेजनी शुरू कर दी है। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि लंबी दूरी की बसों में चलने वाले स्टाफ को खर्चे के लिए पैसों की जरूरत होती है। बस स्टाफ को 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से व्यक्तिगत खर्चा दिया जाएगा।
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