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Meerut News: चेयरपर्सन से लिपिक का पटल तत्काल परिवर्तन किए जाने की मांग
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पटल परिवर्तन की मांग पर गरमाई पालिका की सियासत
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में एक लिपिक की लंबे समय से एक ही पटल पर तैनाती को लेकर पालिका की राजनीति गरमा गई है। सभासदों ने निर्माण पटल पर कार्यरत लिपिक का तत्काल पटल परिवर्तन किए जाने की मांग उठाते हुए इसे नियमों के विपरीत बताया है।
सभासदों द्वारा चेयरपर्सन को दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया कि संबंधित लिपिक करीब 28 वर्षों से निर्माण पटल पर तैनात है, जबकि शासनादेश के अनुसार समय-समय पर पटल परिवर्तन होना आवश्यक है। उनका कहना है कि लंबे समय तक एक ही पटल पर तैनाती से प्रशासनिक संतुलन प्रभावित होता है और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं। सभासदों ने आशंका जताई कि नियमित पटल परिवर्तन न होने से कार्यों में मनमानी और अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाती है। उनका कहना है कि पटल परिवर्तन से कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी होगी और शासन की मंशा के अनुरूप व्यवस्था संचालित हो सकेगी।
इस मामले में प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। मंगलवार को एडीएम प्रशासन सूर्यकांत त्रिपाठी के निर्देश पर एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार को सात दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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सरधना। नगर पालिका में एक लिपिक की लंबे समय से एक ही पटल पर तैनाती को लेकर पालिका की राजनीति गरमा गई है। सभासदों ने निर्माण पटल पर कार्यरत लिपिक का तत्काल पटल परिवर्तन किए जाने की मांग उठाते हुए इसे नियमों के विपरीत बताया है।
सभासदों द्वारा चेयरपर्सन को दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया कि संबंधित लिपिक करीब 28 वर्षों से निर्माण पटल पर तैनात है, जबकि शासनादेश के अनुसार समय-समय पर पटल परिवर्तन होना आवश्यक है। उनका कहना है कि लंबे समय तक एक ही पटल पर तैनाती से प्रशासनिक संतुलन प्रभावित होता है और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं। सभासदों ने आशंका जताई कि नियमित पटल परिवर्तन न होने से कार्यों में मनमानी और अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाती है। उनका कहना है कि पटल परिवर्तन से कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी होगी और शासन की मंशा के अनुरूप व्यवस्था संचालित हो सकेगी।
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इस मामले में प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। मंगलवार को एडीएम प्रशासन सूर्यकांत त्रिपाठी के निर्देश पर एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार को सात दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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