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अप्रैल से 40 मिनट में पूरा होगा मेरठ से दिल्ली का सफर
Thu, 21 Feb 2019 01:49 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Gaurav sharma
Updated Thu, 21 Feb 2019 01:49 AM IST
सार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया एलान, 10-15 तारीख को हो सकती है शुरुआत
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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दिल्ली से मेरठ तक 75 किलोमीटर का सफर अप्रैल-2019 से महज 40 मिनट में पूरा होगा। मेरठ पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह सपना पूरा होने जा रहा है। मैं ‘अप्रैल फूल’ नहीं बना रहा, बल्कि सच बोल रहा है। 10-15 अप्रैल के बीच इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत कर दी जाएगी। अब इस एक्सप्रेस-वे के 13 किलोमीटर के हिस्से पर कार्य किया जा रहा है।
14 लेन के इस एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2015 को किया था। इसके बाद 9 किलोमीटर के हिस्से यूपी गेट से दिल्ली तक इसका शुभारंभ मोदी ने ही किया था। वहीं, तीन चरणों में इसका निर्माण कार्य किया जा रहा है। गडकरी ने बताया कि एक्सप्रेस-वे की शुरुआत मार्च-2019 में की जानी थी, लेकिन एनजीटी के कुछ नियमों के कारण कार्य में देरी हुई। अब तक इस एक्सप्रेस-वे पर सात हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
दिन-रात किया जा रहा कार्य
डासना से मेरठ तक 46 किमी के चौथे चरण का कार्य भी लगभग अंतिम चरण में है। परतापुर में इंटरचेंज का कार्य तेज गति से चल रहा है। वहीं, रेलवे अधिकारियों ने भी यहां पहुंचकर अपने कार्य को देखा। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को भी तेजी से किया गया है। चौथे चरण में परतापुर में इंटरचेंज, मोहिउद्दीनपुर में आरओबी, परतापुर में एक माइनर ब्रिज, काशी, अछरौंडा में टोल प्लाजा, सलोना और परतापुर में दो अंडरपास भी बनाए जाने हैं।
14 लेन के इस एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2015 को किया था। इसके बाद 9 किलोमीटर के हिस्से यूपी गेट से दिल्ली तक इसका शुभारंभ मोदी ने ही किया था। वहीं, तीन चरणों में इसका निर्माण कार्य किया जा रहा है। गडकरी ने बताया कि एक्सप्रेस-वे की शुरुआत मार्च-2019 में की जानी थी, लेकिन एनजीटी के कुछ नियमों के कारण कार्य में देरी हुई। अब तक इस एक्सप्रेस-वे पर सात हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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दिन-रात किया जा रहा कार्य
डासना से मेरठ तक 46 किमी के चौथे चरण का कार्य भी लगभग अंतिम चरण में है। परतापुर में इंटरचेंज का कार्य तेज गति से चल रहा है। वहीं, रेलवे अधिकारियों ने भी यहां पहुंचकर अपने कार्य को देखा। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को भी तेजी से किया गया है। चौथे चरण में परतापुर में इंटरचेंज, मोहिउद्दीनपुर में आरओबी, परतापुर में एक माइनर ब्रिज, काशी, अछरौंडा में टोल प्लाजा, सलोना और परतापुर में दो अंडरपास भी बनाए जाने हैं।
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