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Meerut News: पारस की उम्र पर बहस जारी, अदालत ने रूबी पक्ष को दिया समय
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मेरठ। बहुचर्चित कपसाड़ कांड में मुख्य आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर अदालत में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं में बहस हुई। रूबी पक्ष के अधिवक्ता ने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा। जिस पर अदालत ने 3 फरवरी की तारीख नियत की है।
सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में आठ जनवरी को अनुसूचित जाति की युवती रूबी का अपहरण कर उसकी मां सुनीता की हत्या कर दी गई थी। तीन दिन बाद पुलिस ने रुड़की रेलवे स्टेशन से रूबी को तलाश कर आरोपी पारस को गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में आरोपी पारस जेल में बंद है। पारस के परिजनों ने अधिवक्ताओं के पैनल के जरिए अदालत में प्रार्थना पत्र देकर उसके नाबालिग होने का दावा किया था। प्रार्थना पत्र की सुनवाई एससी एसटी एक्ट न्यायालय एडीजे मोहम्मद असलम सिद्दीकी कोर्ट में हो रही है।
पारस सोम के बालिग या नाबालिग होने के मामले में शनिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। रूबी पक्ष ने न्यायालय में आरोपी की उम्र की जांच के लिए पांचवीं कक्षा का रिकॉर्ड तलब करने की मांग की। आरोपी के अधिवक्ता ने इस मांग का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि जन्मतिथि दसवीं कक्षा की मार्कशीट के आधार पर तय होनी चाहिए इसलिए पारस सोम की दसवीं की मार्कशीट से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया जाए। इसके बाद रूबी पक्ष की ओर से उनके अधिवक्ता ने पांचवीं कक्षा से संबंधित दस्तावेज मंगवाने के लिए विधि व्याख्या देने की बात कही। इस पर न्यायालय ने रूबी पक्ष को 3 फरवरी तक का समय दिया है। अब इसकी सुनवाई तीन फरवरी को होगी।
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सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में आठ जनवरी को अनुसूचित जाति की युवती रूबी का अपहरण कर उसकी मां सुनीता की हत्या कर दी गई थी। तीन दिन बाद पुलिस ने रुड़की रेलवे स्टेशन से रूबी को तलाश कर आरोपी पारस को गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में आरोपी पारस जेल में बंद है। पारस के परिजनों ने अधिवक्ताओं के पैनल के जरिए अदालत में प्रार्थना पत्र देकर उसके नाबालिग होने का दावा किया था। प्रार्थना पत्र की सुनवाई एससी एसटी एक्ट न्यायालय एडीजे मोहम्मद असलम सिद्दीकी कोर्ट में हो रही है।
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पारस सोम के बालिग या नाबालिग होने के मामले में शनिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। रूबी पक्ष ने न्यायालय में आरोपी की उम्र की जांच के लिए पांचवीं कक्षा का रिकॉर्ड तलब करने की मांग की। आरोपी के अधिवक्ता ने इस मांग का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि जन्मतिथि दसवीं कक्षा की मार्कशीट के आधार पर तय होनी चाहिए इसलिए पारस सोम की दसवीं की मार्कशीट से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया जाए। इसके बाद रूबी पक्ष की ओर से उनके अधिवक्ता ने पांचवीं कक्षा से संबंधित दस्तावेज मंगवाने के लिए विधि व्याख्या देने की बात कही। इस पर न्यायालय ने रूबी पक्ष को 3 फरवरी तक का समय दिया है। अब इसकी सुनवाई तीन फरवरी को होगी।
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