शामली के प्रसिद्ध भजन गायक अजय पाठक और उनमें परिवार के सदस्य भी हिमांशु को पूरा सम्मान देते थे। अजय पाठक की पत्नी स्नेहलता पाठक हिमांशु को पुत्र की भांति ही प्रेम करतीं थीं। इसके बावजूद जघन्य चौहरे हत्याकांड को पूरी क्रूरता के साथ अंजाम देकर मानवता और भरोसे को कलंकित किया। ये बातें पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में लिखी गईं थीं।
फांसी की सजा: हिमांशु को बेटे की तरह मानती थीं स्नेहलता, अजय के भाई बोले-धमकियों से डरते तो नहीं मिलता इंसाफ
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हिमांशु पर मृतक अजय पाठक व उनका परिवार अटूट विश्वास करता था। इसी कारण हिमांशु मृतक अजय पाठक के घर पर किसी भी समय आने-जाने के साथ साथ रात्रि में रुक भी जाता था।
अजय पाठक की पत्नी स्नेहलता पाठक हिमांशु को पुत्र की भांति प्रेम करतीं थीं । इसी वजह से हिमांशु को मृतक अजय पाठक के घर की हर लोकेशन की जानकारी थी। घटना के दिन भी हिमांशु ने मृतक अजय पाठक के घर पर साथ में खाना खाया था।
हिमांशु के द्वारा लालच के वशीभूत होकर निर्दयता, कठोरता, निरंकुशता के साथ धारदार हथियारों से पूरी बर्बरता के साथ अजय पाठक, स्नेहा पाठक व वसुंधरा उर्फ वसु की हत्या कर दी। फिर भागवत की गला दबाकर हत्या कर अजय पाठक की गाड़ी में उसके शव को ले जाकर पानीपत टोल प्लाजा के पास जलाया गया।
धमकियों से डर जाते तो नहीं मिलता इंसाफ
अजय पाठक के भाई मामले की पैरवी कर रहे हरिओम पाठक ने कहा कि यदि हत्यारे द्वारा दिलाई गई धमकियों से डर जाते तो आज परिवार को इंसाफ नहीं मिल पाता। परिवार सजा दिलाने पर अडिग रहा।हरिओम पाठक ने बताया कि करीब तीन साल पहले ही हत्यारे हिमांशु का एक साथी मुजफ्फरनगर जेल से छूटा था। सुलह कराने के लिए वह सीधा घर पर पहुंचा तथा कहा कि जल्द से जल्द मामले में सुलह कर लो।
मना करने पर हत्या की धमकी दी थी। जिस पर परिवार के लोग डरे नहीं और आरोपी को खुद ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था और मामले में पैरवी जारी रखी। अजय पाठक गायक होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने लावारिस शवों के अंतिम संस्कार से लेकर बेसहारा और गरीब बेटियों की खुद के खर्च पर शादी कराने का बीड़ा उठाया था। उनकी हत्या के बाद अब उनके भाई हरिओम पाठक, दिनेश पाठक, कपिल पाठक मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। कहा कि जब तक शरीर में जान रहेगी, मुहिम जारी रखी जाएगी।
हाथ उठाकर आरोपी बोला- हां, की थी हत्या
चौहरे हत्याकांड में फांसी की सजा मिलने के बाद पुलिस हत्यारे हिमांशु सैनी को लेकर जा रही थी। इसी बीच अजय पाठक के परिजनों ने कहा कि भाई और बच्चे को मार दिया, जिस पर हत्यारे ने हाथ उठाकर कहा कि हां मार दिया। कोर्ट से लेकर कोर्ट के बाहर जाने तक हत्यारे के चेहरे पर कोई भी शिकन नहीं थी। वह जिस तरह से पहले कोर्ट में पेश होता था, उसी तरह बिना किसी टेंशन के जाता नजर आया।
गायक अजय पाठक और उनके परिवार के लोगों की हत्या करने के मामले में दोषी करार दिए गए हिमांशु सैनी को बुधवार दोपहर 12:10 बजे न्यायिक हवालात से कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया। इस दौरान हिमांशु की सुरक्षा कड़ी थी। पेशी के दौरान हत्यारे के चेहरे पर जरा सी भी शिकन नहीं थी। वह ब्रांडेड सफेद रंग के जूते, सफेद टीशर्ट और खाकी रंग की पेंट पहनकर पहुंचा।
हत्यारे ने गुरु-शिष्य के रिश्ते को किया था तार-तार
हत्यारे हिमांशु सैनी ने पंजाबी कॉलोनी में चौहरे हत्याकांड को अंजाम देकर गुरु शिष्य के रिश्ते को तार-तार किया था। हर किसी ने हिमांशु के इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की थी।