फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Death sentence of seven people changed to life imprisonment by allahabad high court

हाईकोर्ट ने सात लोगों की फांसी की सजा उम्रकैद में बदली 

Sun, 04 Aug 2019 05:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 04 Aug 2019 05:57 AM IST
विज्ञापन
Death sentence of seven people changed to life imprisonment by allahabad high court
कोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : अमर उजाला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हरसौली के नसीम हत्याकांड में निचली अदालत द्वारा सात लोगों को फांसी की सजा दिए जाने का फैसला बदल कर आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया है। इसके साथ ही इसी घटना के क्रास केस में तीन लोगों को मिले दस वर्ष के कारावास को खत्म कर तीनों मुलजिमों को बरी कर दिया है। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट के निर्णय की प्रति वादी के अधिवक्ता की ओर से शनिवार को अदालत में जमा की गई। उधर, देर शाम तीनों लोग जेल से रिहा हो गए। 
जनपद के थाना शाहपुर के गांव हरसौली में 25 फरवरी 2010 को खेल के मैदान में वालीबॉल खेलने को लेकर हुए विवाद में नसीम की हत्या कर दी गई थी। नसीम के तीन भाई भी घायल हुए थे। 
विज्ञापन


आरोपी पक्ष ने भी नसीम पक्ष के खिलाफ क्रास केस दर्ज कराया था। इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए एडीजे राजेश भारद्वाज की कोर्ट संख्या-11  ने 20 नवंबर 2018 को नसीम हत्याकांड में सात आरोपी सरफराज पुत्र शौकत अली, शाहिद पुत्र इकबाल, अरशद पुत्र फरजूला, शादिक पुत्र इकबाल, राशिद पुत्र इस्लाम, फारूक पुत्र इस्लाम, मुमताज पुत्र इस्माईल निवासीगण हरसौली को धारा 302/149 के तहत फांसी की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन



इसके साथ ही इस मुकदमे में फांसी की सजा पाने वाले अभियुक्त सरफराज के पिता शौकत के द्वारा दायर क्रास मुकदमे में खलील, रैयान व शाकिर को जानलेवा हमला करने का दोषी करार देते हुए धारा 307 /34 के तहत 10-10 वर्ष का कारावास की सजा सुनाई गई थी। दोनों मुकदमों के अभियुक्तों ने अपने मुकदमे की अपील हाईकोर्ट में दायर की थी। 

31 जुलाई को हाईकोर्ट इलाहाबाद की जस्टिस रमेश सिंह और जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने अपील की सुनवाई करते हुए एडीजे-11 न्यायालय के फैसले का बदलते हुए फांसी के सभी सातों अभियुक्तों की सजा को उम्रकैद में बदल दिया तथा क्रास केस में 10-10 वर्ष के कारावास के तीन मुलजिमों की सजा समाप्त करते हुए उन्हें बरी कर दिया।


नसीम हत्याकांड के वादी के अधिवक्ता राजीव गोयल ने बताया कि उन्होंने शनिवार को हाईकोर्ट के निर्णय की प्रति एडीजे -11 कोर्ट में दाखिल करा दी है। उसी आधार पर शनिवार देर रात को खलील, रैयान व शाकिर जेल से रिहा हो गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed