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CDA अफसर की मौत का राज खुला: सदमे में परिजन, बोले- हमारे घर का चिराग बुझा दिया, आरोपियों को मिले सख्त सजा

Fri, 19 Jan 2024 06:51 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 19 Jan 2024 06:51 PM IST
सार

Meerut News : सीडीए अधिकारी की मौत का राज खुला तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। पीड़त परिजनों ने कहा कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले।

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Death of CDA officer Ankit Panwar revealed and family members said accused should given strict punishment
दोनों टेंपो चालक गिरफ्तार और सीडीए अफसर का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में सीडीए के ऑडिटर अंकित पंवार (30) की हत्या का खुलासा हुआ तो हर कोई हैरान रह गया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए टेंपो चालकों ने बताया कि ढाई हजार रुपये और मोबाइल लूटने के इरादे से अंकित की हत्या की थी। बताया कि अंकित को शराब पिलाने के बाद दोनों उनको टेंपो से कंकरखेड़ा बाईपास पर खड़ौली के पास ले गए। पर्स और मोबाइल लूटने के बाद टेंपो से धक्का देकर गिरा दिया। इससे उनकी मौत हो गई। 

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कंकरखेड़ा पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों आशु चौधरी उर्फ हेमंत उर्फ लालका और रोहित चौधरी उर्फ टारजन को गिरफ्तार कर अंकित का पर्स और मोबाइल बरामद कर लिया है।

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मूल रूप से शामली के एलम और वर्तमान में सुभाषनगर देहरादून निवासी अंकित पंवार लैंसडाउन में रक्षा लेखा नियंत्रक कार्यालय (सीडीए) में ऑडिटर के पद पर थे। वह लालकुर्ती सीडीए कार्यालय में सीनियर ऑडिटर ट्रेनिंग में शामिल होने आए थे। वह सीडीए के हॉस्टल में रह रहे थे। 13 जनवरी को लोहड़ी वाले दिन रात को पार्टी के बाद वे करीब नौ बजे कमरे का ताला लगाकर चले गए थे। दूसरे दिन उनका शव कंकरखेड़ा के द कलाम रेस्टोरेंट के सामने बाग के पास पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं आने के कारण विसरा सुरक्षित किया गया था। अंकित के इतनी दूर पैदल जाने का राज नहीं खुल पा रहा था।

पुलिस ने डेढ़ सौ से अधिक सीसीटीवी खंगाले
कंकरखेड़ा थाना प्रभारी देवेश कुमार सिंह ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए डेढ़ सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। दोनों टेंपो चालक बेगमपुल पर ठेके के पास लगे सीसीटीवी में सीडीए अधिकारी का पीछा करते हुए दिखाई दिए। इसके बाद जीरो माइल, दिल्ली रोड, जली कोठी, बागपत रोड पर वही टेंपो नजर आया तो शक गहरा गया। टेंपो की पहचान हो गई। बुधवार देर रात भैसाली बस अड्डे के पास से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

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सीसीटीवी की फुटेज से ऐसे खुला राज
पुलिस ने हॉस्टल से लेकर कलाम रेस्टोरेंट तक लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो परतें खुलती चली गईं। सीओ दौराला अभिषेक पटेल ने बताया कि अंकित शराब लेने के लिए बेगमपुल गए थे। रास्ते में टेंपो चालक आशु उर्फ हेमंत उर्फ लालका पुत्र सतेंद्र सिंह निवासी मीरपुर रोहटा थाना रोहटा हाल पता एल ब्लॉक गंगानगर और उसके साथी रोहित उर्फ टारजन पुत्र महावीर निवासी मोहल्ला मुन्नालाल कस्बा मवाना व हाल पता ग्राम सिलारपुर थाना गंगानगर ने उनको नशे में देखा तो दोनों लूट के इरादे से पीछे लग गए। अंकित ने बेगमपुल से शराब की बोतल ली तो दोनों टेंपो लेकर उनके पीछे चल दिए। कुछ दूर चलने के बाद बहाने से अंकित को टेंपो में बैठा लिया। इसके बाद बातों में उलझाकर अंकित को शराब पिलाने लगे। अंकित पहले से नशे में थे, दोनों आरोपियों ने इसका फायदा उठाकर पूरी बोतल पिला दी। टेंपो में लेकर खड़ौली दिल्ली-देहरादून बाईपास पर ले गए।

आरोपियों ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अंकित का मोबाइल और पर्स लूट लिया, जिसमें कुछ पहचान पत्र व 2500 रुपये थे। इसके बाद वे कलाम रेस्टोरेंट के सामने अंकित को धक्का देकर भाग गए। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें नहीं पता। पुलिस का कहना है कि शराब के नशे में ठंड के कारण अंकित की रात में मौत हो गई। सीओ ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से अंकित का पर्स, जिसमें एक कैंटीन स्मार्ट कार्ड, दिल्ली मेट्रो कार्ड व आधार कार्ड, पहचान पत्र, सर्विस आई कार्ड और आधार कार्ड व लूटे गए 2500 रुपये बरामद हो गए हैं। अंकित का मोबाइल और जिस टेंपो से उन्हें लेकर उसे बरामद कर लिया है।

गैर इरादतन हत्या में हुई रिपोर्ट दर्ज, लगेगा गैंगस्टर
कंकरखेड़ा पुलिस ने इस मामले को गैर इरादतन हत्या की धारा 304 और लूट के मामले में दर्ज किया है। इसको लेकर थाना प्रभारी का कहना है कि क्योंकि आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार नहीं किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण नहीं आया है, ऐसे में 302 की धारा नहीं लगा सकते हैं।

दोनों पर दर्ज हैं कई मुकदमे
दोनों हत्यारोपी आपराधिक प्रवृति के हैं। आशू उर्फ हेमंत उर्फ लालका के खिलाफ जानी, गंगानगर, खरखौदा, नौचंदी, मवाना थाने में पहले से सात मुकदमे दर्ज हैं। रोहित उर्फ टारजन के खिलाफ गंगानगर, सिविल लाइन, कंकरखेड़ा थाने में आठ मुकदमे दर्ज हैं।

हमारे घर का चिराग बुझा दिया, सख्त सजा मिले
अंकित के चाचा सुशील पंवार का कहना है कि बेटे की मौत के बाद से उनके बड़े भाई सुधीर पंवार और भाभी कुसुम सदमे में हैं। सुशील पंवार का कहना है कि सब कुछ खत्म हो गया। पूरे घर की जिम्मेदारी अंकित पर थी। एक मोबाइल और ढाई हजार रुपये के लिए उनके घर का चिराग बुझा दिया। ऐसे बदमाशों को सख्त से सख्त सजा मिले, ताकि आगे से वे किसी के साथ ऐसा अपराध न कर सकें।

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दोनों का पहले से आपराधिक इतिहास है, ऐसे में उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में शामिल जल्द ही मजबूत चार्जशीट पेश कराई जाएगी, ताकि कोर्ट में सख्त सजा मिल सके। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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