रिश्तेदारों-चचेरे भाईयों ने किया पिता के अंतिम संस्कार से इंकार, तो बेटियों ने निभाया बेटों का फर्ज
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यूपी के सहारनपुर में चचेरे, ममेरे भाइयों ने दाह संस्कार करने एवं मुखाग्नि देने से इंकार कर दिया तो बेटियों ने ही आगे बढ़ कर पहल की और अपने पिता की चिता को मुखाग्नि देकर समाज को संदेश दिया कि बेटे ही नहीं बेटियां भी अपने पिता की अंतिम क्रिया कर सकतीं हैं।
मोहल्ला नवीन नगर निवासी नरेश चंद्र शर्मा का स्वर्गवास हो गया था। बताया जा रहा है कि नरेश चंद्र शर्मा की दो बेटियां अंकिता शर्मा एवं पिंकी शर्मा हैं, बेटा नहीं है। इसलिए रविवार को जब नरेश चंद्र शर्मा के पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार की बारी आई तो समाज के लोगों ने परिवार के व्यक्ति से अंतिम संस्कार के लिए कहा। लोगों के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए परिवार के लोग आगे नहीं आए। आरोप है कि ममेरे एवं चचेरे भाइयों ने मुखाग्नि देने से इंकार कर दिया। उसके बाद नरेश चंद्र शर्मा की शिक्षिका बेटी अंकिता शर्मा ने अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।
वह पिता के पार्थिव शरीर के साथ मोहल्ला हकीकत नगर स्थित श्मशान घाट पहुंची। उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। साथ ही समाज को संदेश दिया कि सिर्फ बेटा ही मोक्ष तक पहुंचाने वाला नहीं होता बेटियां भी बेटों के समान कार्य कर सकतीं हैं। समाज के लोगों ने इस निर्णय की सराहना की। यह कार्य क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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