बिना सबूत किसी मुस्लिम को काफिर कहना जायज नहीं : दारुल उलूम

यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Updated Thu, 15 Feb 2018 05:33 PM IST
देवबंद
देवबंद
ख़बर सुनें
दारुल उलूम के एक फतवे में कहा गया है कि बिना किसी पुख्ता सबूत के किसी भी ईमान को काफिर कहना या इस्लाम से बाहर कर देना सही नहीं है। 
मध्यप्रदेश से एक व्यक्ति ने दारुल उलूम के इफ्ता विभाग से सवाल पूछा था कि अगर कोई व्यक्ति किसी ईमान वाले व्यक्ति को व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते काफिर करार दे या काफिर कहते हुए उसे इस्लाम से बाहर कर दे तो क्या ऐसा व्यक्ति किसी मस्जिद की इमामत कर सकता है?। जिसके जवाब में मुफ्तियों की खंडपीठ ने कहा कि मुसलमानों के लिए ठीक नहीं कि वो किसी ईमान वाले शख्स को काफिर करार दें। कुरआन और हदीस का हवाला देते हुए मुफ्तियों ने कहा कि जब तक कई पुख्ता शरई सबूत न हो उस वक्त तक किसी भी ईमान वाले शख्स पर कुफ्र का फतवा लगाना नामुनासिब है। 

पढ़ें : अयोध्या में बाबरी मस्जिद थी और मस्जिद ही रहेगी : देवबंदी उलमा

उन्होंने कहा कि किसी मुस्लिम को काफिर कहने या उसे इस्लाम से बाहर करने के सिलसिले में हदीसों में सख्त हुक्म दिए गए हैं। जहां ऐसा करने वाले व्यक्ति के पीछे नमाज पढ़ने का मसला है तो नमाज तो हो जाएगी, लेकिन मकरुह होगी। यानि जो सवाब मिलना चाहिए वो नहीं मिलेगा। फतवे पर तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि दारुल उलूम का फतवा एकदम दुरुस्त है। मुसलमानों को इससे बचना चाहिए। किसी ईमान वाले को काफिर कहना सरासर गलत बात है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rajasthan

भाजपा विधायक बोले, विश्व के पहले आदिवासी थे हनुमान

विधायक ने 2016 में कहा था कि जेएनयू में हर दिन 3 हजार कॉन्डोम और 2 हजार शराब की बोतलें पाई जाती हैं।

28 मई 2018

Related Videos

वीडियो : मेरठ शुगर मिल की आग 27 घंटे बाद आई काबू में, मृतक आश्रितों को 05 लाख का मुआवजा

शनिवार को मेरठ की किनौनी शुगर मिल में लगी भयंकर आग 27 घंटे बाद रविवार को काबू में की गई। भयंकर आग की वजह से चार लोगों की मौत हुई। सीएम योगी ने मृतक आश्रितों के लिए पांच लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया।

27 मई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen