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Meerut News: एचएमपीवी वायरस का खतरा... अलर्ट जारी
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मेरठ। ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के संक्रमण को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस संबंध में सभी अस्पतालों और सीएचसी-पीएचसी पर निर्देश भेजे हैं। इसमें सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की विशेष निगरानी करने की सलाह दी है।
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि एचएमपीवी एक सामान्य रेस्पिरेटरी (श्वसन तंत्र) का वायरस है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। एहतियात बरनेत की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में इसकी जांच होती है। मेडिकल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक सभी जगह व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। अगर आवश्यकता पड़ती है तो मेडिकल में अलग वार्ड बनाया जाएगा। ओपीडी में पहुंचने वाले खांसी-जुकाम, बुखार व सांस के रोगियों की जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही उपचार के लिए अतिरिक्त दवाएं और भर्ती करने के लिए बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि निमोनिया के मामलों में सामान्य तौर पर भी एचएमपीवी की जांच की जाती है।
इन बातों का रखें ख्याल
- बुखार, खांसी-जुकाम और गले में खराश होने पर मास्क लगा लें।
- हाथों की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों और बेवजह अस्पताल जाने से बचें
- पानी और तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करें।
- बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई दवा न लें।
- हाथ मिलाने से परहेज करें।
- सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से परहेज करें।
ये हैं लक्षण
- सर्दी-जुकाम
- बुखार
- सांस लेने में परेशानी
- फेफड़ों में संक्रमण
- निमोनिया
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सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि एचएमपीवी एक सामान्य रेस्पिरेटरी (श्वसन तंत्र) का वायरस है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। एहतियात बरनेत की जरूरत है। मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में इसकी जांच होती है। मेडिकल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक सभी जगह व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। अगर आवश्यकता पड़ती है तो मेडिकल में अलग वार्ड बनाया जाएगा। ओपीडी में पहुंचने वाले खांसी-जुकाम, बुखार व सांस के रोगियों की जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही उपचार के लिए अतिरिक्त दवाएं और भर्ती करने के लिए बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि निमोनिया के मामलों में सामान्य तौर पर भी एचएमपीवी की जांच की जाती है।
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इन बातों का रखें ख्याल
- बुखार, खांसी-जुकाम और गले में खराश होने पर मास्क लगा लें।
- हाथों की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों और बेवजह अस्पताल जाने से बचें
- पानी और तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करें।
- बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई दवा न लें।
- हाथ मिलाने से परहेज करें।
- सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से परहेज करें।
ये हैं लक्षण
- सर्दी-जुकाम
- बुखार
- सांस लेने में परेशानी
- फेफड़ों में संक्रमण
- निमोनिया