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वर्तमान हवाई पट्टी के रनवे को ही दिया जायेगा विस्तार
Sat, 18 May 2019 04:35 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Sat, 18 May 2019 04:35 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ से हवाई उड़ान को लेकर भारत सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग व एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की संयुक्त टीम ने नया मास्टर प्लान बनाकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग को भेज दिया है। इस प्लान के तहत वर्तमान हवाई पट्टी के रनवे को ही लंबाई और चौड़ाई में विस्तार दिया जायेगा।
एएआई और केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग की सात सदस्यीय टीम ने तीन अप्रैल को हवाई पट्टी का संयुक्त निरीक्षण किया था। उन्होंने विस्तार से रिपोर्ट तैयार करते हुए नया मास्टर प्लान बनाया। इस मास्टर प्लान के तहत मेरठ हवाई अड्डे का निर्माण दो चरणों में होगा। प्रथम चरण में 282.73 एकड़ जमीन की आवश्यकता मानते हुए एएआई ने 15 मई को भेजे पत्र में प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख सचिव से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। पत्र में एएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस जमीन की उपलब्धता के बाद जो रनवे तैयार होगा, उस पर सीआरजे-200 विमान उड़ाएं जाएंगे, जो 72 सीटर होंगे। इसके साथ ही द्वितीय चरण में 122.40 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता बताई है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि अभी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगी है। इसके समाप्त होते ही प्रदेश सरकार पर शीघ्र ही जमीन उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जायेगा। क्योंकि इस संबंध में प्रदेश सरकार को पहले ही पत्र देकर अवगत कराया जा चुका है, जिसमें जमीन का सौदा किसानों से तय हो चुका है। आज भी किसान 2014 के फैसले के आधार पर 5800 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन देने को तैयार हैं।
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ये है वर्तमान स्थिति
वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो हवाई पट्टी 46.77 एकड़ जमीन में है, जिसका रनवे 1513 मीटर लंबा और 23 मीटर चौड़ा है। 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए 2600 मीटर लंबे और 45 मीटर चौड़े रनवे की जरूरत होगी। इसे लेकर नया मास्टर प्लान जारी कर दिया गया है।
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एएआई और केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग की सात सदस्यीय टीम ने तीन अप्रैल को हवाई पट्टी का संयुक्त निरीक्षण किया था। उन्होंने विस्तार से रिपोर्ट तैयार करते हुए नया मास्टर प्लान बनाया। इस मास्टर प्लान के तहत मेरठ हवाई अड्डे का निर्माण दो चरणों में होगा। प्रथम चरण में 282.73 एकड़ जमीन की आवश्यकता मानते हुए एएआई ने 15 मई को भेजे पत्र में प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख सचिव से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। पत्र में एएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस जमीन की उपलब्धता के बाद जो रनवे तैयार होगा, उस पर सीआरजे-200 विमान उड़ाएं जाएंगे, जो 72 सीटर होंगे। इसके साथ ही द्वितीय चरण में 122.40 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता बताई है।
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भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि अभी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगी है। इसके समाप्त होते ही प्रदेश सरकार पर शीघ्र ही जमीन उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जायेगा। क्योंकि इस संबंध में प्रदेश सरकार को पहले ही पत्र देकर अवगत कराया जा चुका है, जिसमें जमीन का सौदा किसानों से तय हो चुका है। आज भी किसान 2014 के फैसले के आधार पर 5800 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन देने को तैयार हैं।
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ये है वर्तमान स्थिति
वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो हवाई पट्टी 46.77 एकड़ जमीन में है, जिसका रनवे 1513 मीटर लंबा और 23 मीटर चौड़ा है। 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए 2600 मीटर लंबे और 45 मीटर चौड़े रनवे की जरूरत होगी। इसे लेकर नया मास्टर प्लान जारी कर दिया गया है।