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Meerut News: रजबहे की पटरी टूटने से फसल जलमग्न
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सरधना। गांव कुलंजन में रजबहे की पटरी टूटने जलमग्न हुए खेत। ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। कुलंजन गांव में सोमवार देर रात रजबहे की पटरी टूटने से करीब 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई। रातभर खेतों में पानी भरता रहा, जिससे गेहूं और गन्ने की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा। मंगलवार सुबह जब किसान खेतों पर पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई।
कुलंजन गांव के जंगल से होकर गुजर रहे रजबहे की पटरी तेज बहाव के कारण अचानक टूट गई। इसके चलते रजबहे का पानी आसपास के खेतों में फैल गया। देखते ही देखते नवेद, शाहिद, आदेश चौहान, आरिफ, खलील समेत कई किसानों के खेत पानी से भर गए। कई स्थानों पर हालात बाढ़ जैसे बन गए और दूर-दूर तक खेतों में पानी ही पानी नजर आया। घटना की सूचना मिलते ही किसानों ने सिंचाई विभाग को अवगत कराया। इसके बाद विभाग ने पानी बंद कराया। मौके पर पहुंची टीम ने निरीक्षण कर टूटी पटरी की मरम्मत का कार्य शुरू कराया। देर शाम तक मरम्मत कार्य पूरा होने पर स्थिति नियंत्रण में आई।
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि समय रहते मुआवजा नहीं मिला तो उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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सरधना। कुलंजन गांव में सोमवार देर रात रजबहे की पटरी टूटने से करीब 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई। रातभर खेतों में पानी भरता रहा, जिससे गेहूं और गन्ने की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा। मंगलवार सुबह जब किसान खेतों पर पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई।
कुलंजन गांव के जंगल से होकर गुजर रहे रजबहे की पटरी तेज बहाव के कारण अचानक टूट गई। इसके चलते रजबहे का पानी आसपास के खेतों में फैल गया। देखते ही देखते नवेद, शाहिद, आदेश चौहान, आरिफ, खलील समेत कई किसानों के खेत पानी से भर गए। कई स्थानों पर हालात बाढ़ जैसे बन गए और दूर-दूर तक खेतों में पानी ही पानी नजर आया। घटना की सूचना मिलते ही किसानों ने सिंचाई विभाग को अवगत कराया। इसके बाद विभाग ने पानी बंद कराया। मौके पर पहुंची टीम ने निरीक्षण कर टूटी पटरी की मरम्मत का कार्य शुरू कराया। देर शाम तक मरम्मत कार्य पूरा होने पर स्थिति नियंत्रण में आई।
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पीड़ित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि समय रहते मुआवजा नहीं मिला तो उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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