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करोड़ की ठगी करने वाला बिल्डर गिरफ्तार
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मेरठ। आवास एवं विकास परिषद की जमीन पर फर्जी तरह से फ्लैट व दुकानें बनाकर रजिस्ट्री करने के आरोपी बिल्डर पंकज गुप्ता को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। नौचंदी पुलिस ने बताया कि बिल्डर ने एग्रीमेंट का 4.50 करोड़ रुपया परिषद में जमा नहीं किया। संपत्ति प्रबंधक के फर्जी हस्ताक्षर कर खुद के पक्ष में रजिस्ट्री दिखाकर आवास विकास की संपत्ति को भी बेच दिया।
इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर के अनुसार आवास एवं विकास परिषद के संपत्ति प्रबंधक नरेश बाबू ने मैसर्स रंजना एसोसिएट के मालिक पंकज गुप्ता निवासी एच-300 शास्त्रीनगर के खिलाफ एक जुलाई 2019 को धोखाधड़ी औ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। 2015 में परिषद की जागृति विहार सेक्टर-7 में स्थित 895 वर्गमीटर जमीन का एग्रीमेंट पंकज गुप्ता के पक्ष में हुआ। इस जमीन का मूल्य 3.39 करोड़ रुपये था। पंकज गुप्ता ने 81 लाख रुपये जमा कर दिए। बचे हुए 2.58 करोड़ रुपये की 72 किश्त बनाई गईं जो उन्हें छह साल में चुकानी थी। संपत्ति प्रबंधक के अनुसार बिल्डर ने एक भी किश्त जमा नहीं की। ऐसे में ब्याज की रकम बढ़ते हुए साढ़े चार करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
इंस्पेक्टर ने बताया कि कुछ दिनों पहले बिल्डर ने संपत्ति प्रबंधक के फर्जी हस्ताक्षर करके इस जमीन की रजिस्ट्री फर्जी ढंग से अपने नाम कर ली। इसके बाद 10 से अधिक लोगों को दुकान और फ्लैट बेच दिए। संपत्ति प्रबंधक ने पंकज गुप्ता पर मुकदमा दर्ज कराया था। बृहस्पतिवार को आरोपी पंकज को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
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दिल में बताया दर्द
बिल्डर ने थाने में पुलिस से कहा कि मुझे हार्ट में दर्द हो रहा है। मुझे अस्पताल में भर्ती कराया जाए। जिसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया और कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
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इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर के अनुसार आवास एवं विकास परिषद के संपत्ति प्रबंधक नरेश बाबू ने मैसर्स रंजना एसोसिएट के मालिक पंकज गुप्ता निवासी एच-300 शास्त्रीनगर के खिलाफ एक जुलाई 2019 को धोखाधड़ी औ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। 2015 में परिषद की जागृति विहार सेक्टर-7 में स्थित 895 वर्गमीटर जमीन का एग्रीमेंट पंकज गुप्ता के पक्ष में हुआ। इस जमीन का मूल्य 3.39 करोड़ रुपये था। पंकज गुप्ता ने 81 लाख रुपये जमा कर दिए। बचे हुए 2.58 करोड़ रुपये की 72 किश्त बनाई गईं जो उन्हें छह साल में चुकानी थी। संपत्ति प्रबंधक के अनुसार बिल्डर ने एक भी किश्त जमा नहीं की। ऐसे में ब्याज की रकम बढ़ते हुए साढ़े चार करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि कुछ दिनों पहले बिल्डर ने संपत्ति प्रबंधक के फर्जी हस्ताक्षर करके इस जमीन की रजिस्ट्री फर्जी ढंग से अपने नाम कर ली। इसके बाद 10 से अधिक लोगों को दुकान और फ्लैट बेच दिए। संपत्ति प्रबंधक ने पंकज गुप्ता पर मुकदमा दर्ज कराया था। बृहस्पतिवार को आरोपी पंकज को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
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दिल में बताया दर्द
बिल्डर ने थाने में पुलिस से कहा कि मुझे हार्ट में दर्द हो रहा है। मुझे अस्पताल में भर्ती कराया जाए। जिसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया और कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।