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शिक्षा राष्ट्र की प्रगति का मापदंड : डॉ. सिंह
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मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा समग्र एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को वेबिनार किया गया। इसका विषय ‘नई शिक्षा नीति के बारे में लोगों को जागरूक करना और भारतीय शिक्षा में इसका क्रियान्वयन एवं भविष्य रहा।
विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रिगेडियर डॉ. वीपी सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा के क्षेत्र में अधिक ऊर्जा देगी। जिससे छात्रों के जीवन में बदलाव आएगा एवं उनका ज्ञानवर्द्धन होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा राष्ट्र एवं समाज की प्रगति का मापदंड है। विवि की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 को समावेशी और जीवंत बनाने के लिए सुभारती विवि प्रतिबद्ध है।
मुख्य अतिथि सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ हिमाचल प्रदेश के कुलपति डॉ. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति द्वारा हमारी बुनियादी शिक्षा में परिवर्तन हुआ है। शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने पर जोर दिया है। अधिवक्ता सुधीर अग्रवाल, शिक्षा संकायाध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार, प्रो. जीके अरोड़ा एवं प्रो. सुरेश पचौरी द्वारा विचार रखे गए। यहां विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज राज और वेबिनार संचालिका श्वेता पाठक का विशेष योगदान रहा।
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विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रिगेडियर डॉ. वीपी सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति शिक्षा के क्षेत्र में अधिक ऊर्जा देगी। जिससे छात्रों के जीवन में बदलाव आएगा एवं उनका ज्ञानवर्द्धन होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा राष्ट्र एवं समाज की प्रगति का मापदंड है। विवि की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 को समावेशी और जीवंत बनाने के लिए सुभारती विवि प्रतिबद्ध है।
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मुख्य अतिथि सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ हिमाचल प्रदेश के कुलपति डॉ. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति द्वारा हमारी बुनियादी शिक्षा में परिवर्तन हुआ है। शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने पर जोर दिया है। अधिवक्ता सुधीर अग्रवाल, शिक्षा संकायाध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार, प्रो. जीके अरोड़ा एवं प्रो. सुरेश पचौरी द्वारा विचार रखे गए। यहां विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज राज और वेबिनार संचालिका श्वेता पाठक का विशेष योगदान रहा।
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