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संकट: पश्चिमांचल में बिगड़ने लगी बिजली की चाल, कोयले की कमी से जूझ रहा विद्युत विभाग

Mon, 11 Oct 2021 03:13 PM IST
Dimple Sirohi राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 11 Oct 2021 03:13 PM IST
सार

कोयले की कमी से बिजली उत्पादन में आई कमी का असर पश्चिमांचल में भी नजर आना शुरू हो गया है। बिजली की मांग और उपलब्धता में आई करीब दस फीसदी की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती शुरू हो गई है।

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Crisis: Electricity started deteriorating in Paschimchal, power department struggling with shortage of coal
बिजली संकट, बिजली विभाग, - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोयले की कमी से बिजली उत्पादन में आई कमी का असर पश्चिमांचल में भी दिखाई देना शुरू हो गया है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) में बिजली की मांग और उपलब्धता में आई करीब दस फीसदी की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती शुरू हो गई है। इसका सबसे ज्यादा असर सहारनपुर और मुरादाबाद जोन में देखा जा रहा है। नलकूपों की बिजली आपूर्ति को भी झटका लग रहा है। मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा अभी कटौती के संकट से बाहर हैं। लेकिन हालात सामान्य नहीं हुए तो यहां भी कटौती शुरू हो जाएगी। 

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पीवीवीएनएल के करीब 70 लाख बिजली उपभोक्ताओं की बिजली की मांग 6500 से 7000 मेगावाट तक है, लेकिन इन दिनों प्रदेश में चल रहे बिजली संकट के चलते उपलब्धता में करीब दस फीसदी तक की कमी आ गई है। इस कमी का असर कंपनी के अंतर्गत आने वाले 14 जनपदों में से सात जनपदों पर पड़ना शुरू हो गया है। बिजली की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के 18 घंटे के शेड्यूल से दो से तीन घंटे कटौती की जा रही है।  
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इन जिलों में शुरू हुई रोस्टिंग 
बिजली संकट के चलते कंपनी के सात जनपदों सहारनपुर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा और बिजनौर में दो से तीन घंटे की रोस्टिंग शुरू हो गई है। इन जिलों के गांवों को 18 घंटे की बजाय 15 से 16 घंटे ही बिजली दी जा रही है। इसके अलावा नलकूपों को 10 घंटे तक ही बिजली दी जा रही है।
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सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल में सबसे ज्यादा चोरी
पश्चिमांचल के सहारनपुर और मुरादाबाद जोन में सर्वाधिक बिजली चोरी होती है। बिजली चोरी  रोकने के लिए भी सहारनपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल और बिजनौर आदि की बिजली काटी जा रही है।  जितनी ज्यादा बिजली आपूर्ति होती है उतनी ही बिजली चोरी से कंपनी को राजस्व की चपत लगती है। कम बिजली आपूर्ति से बिजली चोरी का मीटर भी कम घूमता है। 

इस माह ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति
जनपद     औसत आपूर्ति 
मेरठ    17:44 घंटे
सहारनपुर    16:41 घंटे
बागपत    17:55 घंटे
गाजियाबाद    17:26 घंटे
बुलंदशहर    17:57 घंटे
हापुड़    17:10 घंटे
शामली    17:38 घंटे
मुरादाबाद    15:15 घंटे
संभल    16:37 घंटे
अमरोहा    15:31 घंटे
बिजनौर    16:44 घंटे
रामपुर    16:04 घंटे
नोएडा    17:21 घंटे
नोट : ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति शेड्यूल 18 घंटे का है। 

पश्चिमांचल पर बिजली संकट का अभी ज्यादा असर नहीं है। हालांकि मांग और उपलब्धता में पहले के मुकाबले थोड़ी कमी आने से ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति का शेड्यूल थोड़ा प्रभावित हुआ है। यह संकट जल्द ही खत्म हो जाएगा।  - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ

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