यूपी : पंचायत चुनाव से दूर रखे जाएंगे अपराधी, आईजी ने छह महीने के वांछितों की मांगी रिपोर्ट
-जोन के आठ जिलों में 5500 अपराधियों की बनी है सूची
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस एवं प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। अपराधियों को चुनाव से दूर रखने के लिए पुलिस ने उनकी पड़ताल का अभियान तेज कर दिया है। छह माह के 518 वांछित अपराधियों की रिपोर्ट आईजी ने मांगी है।
पुलिस इन अपराधियों पर पूरी तरह शिकंजा कसने की कोशिश कर रही है। मेरठ जोन के आठ जिलों में करीब 5500 अपराधियों की सूची बनाई गई है। इनमें से कई वांछित भी हैं। पुलिस का कहना है कि अपराधियों को चुनाव से दूर रखने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
मंगलवार को पंचायत चुनाव के मद्देनजर एडीजी राजीव सभरवाल और आईजी प्रवीण कुमार की मीटिंग हुई। इसमें बताया गया कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस द्वारा अभियान चलाया रहा है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद जिले में मुचलके पाबंद व धारा 110 बी सहित कई धाराओं में कार्रवाई चल रही है।
आईजी प्रवीण कुमार का कहना है कि अबकी बार शातिर अपराधियों को चुनाव नहीं लड़ने देना है। ऐसे लोगों के कारण चुनाव प्रभावित होता है। आईजी ने कहा कि जेल से बाहर आने वाले, गैंगस्टर सहित अन्य तरह के अपराधी चिह्नित किए जा रहे हैं।
छह महीने के वांछित को जेल भेजो
आला अफसरों का कहना है कि छह महीने के वांछित सभी आरोपी जेल में बंद होने चाहिएं। इसके लिए मेरठ पुलिस द्वारा अभियान चलाया गया है। शातिर अपराधियों ने घर पर और आसपास के इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए है, ताकि पुलिसकर्मी या अन्य आदमी वहां से गुजरे तो इसकी जानकारी उन्हें मिल सके।
बागपत में कई अपराधी चुनाव की तैयारी में
बागपत में सबसे ज्यादा अपराधी चुनाव लड़ने की तैयारी में है। मेरठ में 25 अपराधी अपने करीबियों को पंचायत चुनाव लड़वा रहे हैं। मुजफ्फरनगर में 35 अपराधी अपने परिजन व रिश्तेदार को चुनाव लड़ रहे हैं। पुलिस द्वारा सभी का रिकॉर्ड निकाला गया है। जमानत पर बाहर आए अपराधियों को पुलिस द्वारा नोटिस भी दिए गए हैं। अपराधियों को पंचायत चुनाव से दूर रखने के लिए पुलिस पुराने मुकदमे की फ़ाइल खोल रही है।
नए आरक्षण प्रक्रिया में भी आईं 374 आपत्तियां
पंचायत चुनाव आरक्षण जारी होने के बाद आपत्तियों को जमा करने का समय खत्म हो गया है। तीन दिन में जिले में 374 आपत्तियां आईं। इसमें सबसे अधिक 354 आपत्ति ग्राम प्रधान पद के लिए थीं। वहीं, जिला पंचायत सदस्य के लिए 15 और बीडीसी के लिए एक रहीं। जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक सिन्हा ने बताया कि अगले दो दिन में इनका निस्तारण कर दिया जाएगा। होली से पहले पंचायत चुनाव आरक्षण का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।