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पुलिस कस्टडी से भागकर सीधा यहां पहुंचा था सुपारी किलर रोहित, जल्द होगा गिरफ्तार

Sun, 14 Jul 2019 03:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 14 Jul 2019 03:55 PM IST
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criminal rohit was staying in Meerut after being absconding by shot dead daroga in Muzaffarnagar
घायल दरोगा व शातिर अपराधी - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर पुलिस ने मेरठ से भूपेंद्र बाफर को गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में बाफर ने बताया कि कुख्यात सुशील मूंछ के गुर्गे सक्रिय हो गए थे। पेशी के दौरान वह मूंछ के साथ आते थे। वहीं बाफर के भी कई गुर्गे सक्रिय थे। जोकि मूंछ को मारने की फिराक में थे। इसी प्रकरण को लेकर ही बाफर ने मुजफ्फरनगर से रोहित उर्फ सांडू को पुलिस कस्टडी से फरार कराया था। पुलिस पूछताछ में बाफर ने कई बड़े खुलासे किए: - 
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दो जुलाई को मुजफ्फरनगर में मिर्जापुर पुलिस की कस्टडी से भागकर कुख्यात रोहित उर्फ सांडू साथियों के साथ सीधा मेरठ आया था। भूपेंद्र बाफर ने सांडू़ को सरूरपुर क्षेत्र के एक गांव में रुकवाया था। बाफर ने यह बात मुजफ्फरनगर पुलिस को पूछताछ के दौरान बताई।
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सांडू को कस्टडी से छुड़ाने के दौरान पुलिस की एक गोली बाफर के साथी शुभम को लगी थी। जिसका इलाज कंकरखेड़ा के नटेशपुरम निवासी डॉ. रजत भाटी ने किया था। सांडू़ तीन दिन मेरठ में रुककर दो साथियों के साथ भाग गया था। मुजफ्फरनगर पुलिस ने शनिवार देर रात सरूरपुर और सरधना के कई गांवों में दबिश दी, लेकिन सांडू हत्थे नहीं चढ़ा। 

डॉ. भाटी पकड़ा, मेरठ पुलिस लगी 
बाफर के देहात में कई ठिकाने हैं। मुजफ्फरनगर से इनपुट मिलने के बाद मेरठ पुलिस भी सांडू़ को ढूंढने में लग गई। दोनों जिलों की पुलिस ने डॉ. भाटी को कंकरखेड़ा से ही गिरफ्तार कर लिया।

दरोगा का हत्यारोपी है सांडू 
आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के सामने चुनौती बनी है। पुलिस कस्टडी से छुड़ाने के दौरान बदमाशों ने मिर्जापुर पुलिस पर गोलियां चलाई थी। जिसमें एक दरोगा को गोली लगी थी। इलाज के दौरान तीन दिन पहले दरोगा की मौत हो गई। जिसके बाद एसटीएफ भी सांडू की गिरफ्तारी के लिए लगी है। 

पवित्र मैत्रेय हत्याकांड में चर्चित हुआ था बाफर, 
केबल कारोबारी पवित्र मैत्रेय की साल 2012 में हुई हत्या के बाद भूपेंद्र बाफर चर्चाओं में आया था। बाफर ने खुद ही हत्या करना कबूला था। उसके बाद बाफर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। बाफर ब्लॉक प्रमुख के अलावा एक बार जिला पंचायत सदस्य भी रहा। भूपेंद्र बाफर शातिर अपराधी है।

1985 में हैदराबाद में भूपेंद्र बाफर ने बैंक लूटा था। जिसमें उसके पास काफी पैसा आया। उसके बाद बाफर ने जरायम की दुनिया में पीछे मुड़कर नहीं देखा। मेरठ, मुजफ्फरनगर, देहरादून और गाजियाबाद समेत कई जिलों में बाफर ने लूट, डकैती और हत्या की वारदात की।

गैंगवार और केबिल कारोबार के चलते पवित्र मैत्रेय की हत्या हुई। पुलिस के मुताबिक पवित्र की हत्या कर बाफर केबिल कारोबार में अपना सिक्का चलाना चाहता था। जिसके चलते उसने पवित्र की हत्या करना खुद स्वीकार किया। पुलिस ने बाफर पर गुंडा एक्ट समेत कई गंभीर धारा लगाई थी।
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गांव में रहा, चुनाव भी हारा
भूपेंद्र जानी क्षेत्र के बाफर गांव है। साल 2017 में जेल से छूटने के बाद बाफर ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ा। लेकिन हार गया। फिलहाल बाफर साइलेंट था। सुशील मूंछ की हत्या कराने के लिए पुलिस कस्टडी से रोहित उर्फ सांडू की फरारी में बाफर की भूूमिका बताई है। जिसके चलते पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेजा है। 

बाफर का अपराधिक इतिहास
1985 में हैदराबाद में दिनदहाड़े बैंक लूटा।
1987 में आंध्रप्रदेश में बैंक लूटा।
1991 में मुजफ्फरनगर में हत्या की। 
1992 में देहरादून में हत्या की। 
2007 में लिसाड़ीगेट में जानलेवा हमला किया। 
2007 में सदर बाजार में हत्या की ।
2012 में लालकुर्ती मेें हत्या की। 

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